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Gayatri Jayanti 2023: एकाग्रता बढ़ाने के लिए छात्रों को जरूर करनी चाहिए मां गायत्री की पूजा, देखें तिथि-मुहूर्त
Gayatri Jayanti 2023 Kab Hai: सबसे लोकप्रिय मंत्रों में से एक है गायत्री मंत्र। माता गायत्री को समर्पित इस मंत्र के जाप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है, संकट दूर होते हैं और एकाग्रता बढ़ती है।
अपने भक्तों पर सुख समृद्धि और वैभव बरसाने वाली माता गायत्री का जन्म श्रावण माह के पूर्णिमा के दिन हुआ था। माता के जन्मदिन को हम गायत्री जयंती के रूप में मनाते हैं।

इस साल यानी 2023 में गायत्री जयंती 31 अगस्त 2023 गुरुवार को है। माता गायत्री की सच्ची श्रद्धा से पूजा अर्चना करने से जीवन में बहुत लाभ होता है इसलिए आइये आपको बताते हैं कि गायत्री जयंती का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
सबसे पहले जान लेते हैं गायत्री मंत्र और उसका अर्थ। गायत्री मंत्र है -
'ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।'
प्राणस्वरूप, दुखहर्ता, सुखकर्ता, परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें जिससे हम सन्मार्ग की और प्रेरित हों। इस मंत्र से एकाग्रता बढ़ती है और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है।
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक। इसलिए गायत्री माता की पूजा इसी मुहूर्त में करना श्रेष्ठ होगा।
गायत्री जयंती की पूजा विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें। अगर संभव ना हो तो कम से कम सूर्योदय से पूर्व जरुर नहा लें। फिर पूरे घर में गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लें। अब अच्छा और स्वच्छ वस्त्र धारण करके पूजा स्थल को साफ़ कर लें और फिर पूजा मंडप को भी गंगाजल से पवित्र कर लें। फिर माता गायत्री का फोटो लगा लें। अब धुप, अगरबत्ती, चन्दन, फूल, नेवैद्य आदि से माता की पूजा करें। गायत्री मंत्र का जाप करें और उसके बाद आरती करें। आरती पूरे घर में दिखायें। फिर माता का प्रसाद आपस में बांट लें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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