Latest Updates
-
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह -
International Yoga Day 2026 Wishes: योग करे जो रोज...योग दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं
Guru Asta 2023 Effects: जानें क्यों गुरु अस्त के दौरान शादी-विवाह की होती है मनाही
1 अप्रैल से गुरु ग्रह मीन राशि में अस्त हो रहे हैं। ऐसा होने से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है क्योंकि उनका मुहूर्त नहीं रहता है। करीब करीब एक महीने तक गुरु ग्रह अस्त रहेंगे। इस वजह से अगले एक महीने तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे।
जानते हैं कब से कब तक रहेंगे गुरु अस्त, क्या है उनके अस्त होने का महत्व और कैसे कर सकते हैं बृहस्पति के दोष को कम-

कब से कब तक गुरु रहेंगे अस्त
गुरु ग्रह 1 अप्रैल की शाम 07 बजकर 12 मिनट पर मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। इसके बाद सीधा 3 मई को सुबह 04 बजकर 56 मिनट पर उनका उदय होगा।

क्यों नहीं हो सकते मांगलिक कार्य
गुरु ग्रह को सुख, धन, भाग्य और सफलता का ग्रह माना गया है। और इसका सबसे अधिक प्रभाव विवाह और दाम्पत्य जीवन पर पड़ता है। इस कारण गुरु के अस्त होने के साथ ही मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश, सगाई जैसे कार्यों पर रोक लग जाती है। जब भी गुरु यानि बृहस्पति किसी राशि में अस्त होते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव और शक्तियां कमज़ोर हो जाती हैं। ऐसे में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना सफ़ल नहीं होता है और उस कार्य में आगे चलकर अड़चनें भी आती हैं।
गुरु की स्थिति को ऐसे करें मज़बूत
अपनी कुंडली में इस दौरान गुरु की स्थिति को मज़बूत बनाने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम या हरिवंश पुराण का पाठ करना चाहिए। 3 मई तक जब गुरु दोबारा उदित नहीं हो जाते हैं तब तक रोज़ाना यह पाठ करने से शुभ परिणाम मिलेंगे।

बृहस्पति की अशुभता ऐसे होगी दूर
1 अप्रैल को गुरु के अस्त होने के बाद से ही माथे और नाभि पर केसर का तिलक लगाएं। इसके साथ ही एक महीने तक रोज़ाना पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और जल चढाते वक्त "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।।" मंत्र का जाप करें। इससे गुरु के दोष से मुक्ति मिलेगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications