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Chaitra Navratri Sanskrit Wishes: नवरात्रि पर शक्ति और भक्ति से भरे इन संस्कृत श्लोकों से दें शुभकामनाएं
Chaitra Navratri Sanskrit Wishes : 30 मार्च से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है, जो मां दुर्गा के भक्तों का सबसे बड़ा त्योहार है। इस विशेष मौके पर लोग मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही अपनों को शुभकामनाएं भी देते हैं। बाजारों से लेकर हर चौराहे तक नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है। नौ दिन चलने वाले इस त्योहार में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा होती है।
इस अवसर पर यदि आप संस्कृत में अपनों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं, तो यहां कुछ सुंदर कोट्स, विशेज और मंत्र दिए गए हैं, जो इस पर्व को और भी खास बना देंगे।
चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं (Navratri Wishes in Sanskrit)

1. शुभं नवरात्रिपर्वणि ते अस्तु सदा,
मातुः कृपा भवतु निरंतरदा।
शुद्धं मनः, धर्ममयः जीवनः,
सर्वे भवन्तु सदा सुखिनः।
जय दुर्गे, जय चामुण्डे,
भवतः पथः सत्यमयः स्यात्।
नवरात्रि शुभाशयाः
2. या देवी सर्वभूतेषु,
शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै,
नमस्तस्यै नमो नमः।
नवरात्रौ तस्याः कृपा,
भवतु भवतः जीवनगतिः।
नवरात्रि शुभाशयाः
3. शैलपुत्र्यै नमो नित्यं,
प्रथमं दिनं सदा स्मरामि।
व्रतेन पूजया तस्याः,
लभ्यते बलं अपारम्।
शुभं करोति सा नित्यं,
सर्वदुःखं निवारयति।
नवरात्रि शुभाशयाः
4. ब्रह्मचारिण्यै नमो देवी,
द्वितीयं दिनं पूज्यते त्वया।
तपसा साधनं प्राप्तं,
सत्वं, शुद्धिः च विहितम्।
त्वदीयं नाम स्मरणं,
ज्ञानं, धैर्यं च ददाति।
नवरात्रि शुभाशयाः
5. चन्द्रघण्टे नमो नित्यं,
त्रितीयं दिनं वन्दिता।
तेजस्विनीं सदा स्मरामि,
रक्षणं कुरु देवि मम।
शत्रुभयं न नश्यति,
जपतः तव नाम सततम्।
नवरात्रि शुभाशयाः
6. कूष्माण्डायै नमो नमः,
सृष्टेः आदि कारणं त्वम्।
चतुर्थे दिनं पूजनं,
तेजसा दीप्तं जीवनम्।
कान्तिः, शक्तिर्भवति,
त्वदीयं कृपया सदा।
नवरात्रि शुभाशयाः
7. स्कन्दमातुः नमः शुभं,
पञ्चमं दिनं अर्पितम्।
कार्तिकेयस्य मातरं,
भक्तानां जननि त्वम्।
त्वत्कृपया संततं,
रक्षणं लभ्यते मम।
नवरात्रि शुभाशयाः
8. कात्यायन्यै नमो नमः,
षष्ठे दिवसे पूजिता।
दानवघातिनी भगवति,
शत्रुनाशं कुरु सदा।
धर्मसंस्थापनाय त्वम्,
सत्यं पन्थानमेव नय।
नवरात्रि शुभाशयाः
9. कालरात्र्यै नमो नमः,
सप्तमे दिवसे स्मृता।
तामसी शक्तिस्वरूपा,
विघ्ननाशिनी त्वमेव।
अज्ञानं हरसि त्वं,
ज्ञानदीपं प्रज्वालयसि।
नवरात्रि शुभाशयाः
10. महागौर्यै नमः शुभं,
अष्टमे दिनं पूज्यसे।
शान्तिदात्री शुभप्रदा,
सर्वशुद्धिप्रदायिनी।
मुक्तिर्भवति तव कृपा,
मातः, त्वं सदा नमामि।
नवरात्रि शुभाशयाः
11. सिद्धिदात्रीयै नमो नमः,
नवमी दिनं समर्प्यते।
सर्वसिद्धिप्रदा देवी,
भक्तानां कल्याणकरी।
त्वद्भक्तेः कृपया सदा,
संपूर्णं जीवनं जयति।
नवरात्रि शुभाशयाः
12. नवरात्रि पर्वः पुण्यदा,
शक्तिपूजनसमर्पिता।
भक्तिर्भवतु स्थिरा सदा,
मातृरूपेण पालिता।
शरणागतं मां देवी,
रक्ष मां सर्वतः शिवे।
नवरात्रि शुभाशयाः
13. अहमेकं न जानामि,
व्रतं, पूजां, जपं च ते।
नामस्मरणं तु मातः,
सर्वपापविनाशनम्।
दुर्गे, तव कृपया सदा,
मुक्तिः एव लभ्यते हि।
नवरात्रि शुभाशयाः
14. या देवी नवधा पूज्या,
नवभक्तिफलप्रदा।
नवविध्यां सदा ददाति,
सर्वसम्पत्तिप्रसूविनी।
जयतु जयतु जननी,
जयतु च नवदुर्गे।
नवरात्रि शुभाशयाः
15. शुभं करोति माँ दुर्गा,
भयहरं सर्वदा शिवा।
नवव्रतेन पूजिता,
प्रसन्ना भव दुःखहन्त्री।
त्वमेव सर्वदा स्तुता,
नमस्ते दुर्गे नमो नमः।
नवरात्रि शुभाशयाः



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