Latest Updates
-
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय
Jagannath Rath Yatra 2024: भगवान जगन्नाथ-बलभद्र-सुभद्रा हुए बीमार, इस दिन स्वस्थ होकर करेंगे नगर भ्रमण
Jagannath Rath Yatra 2024 Kab Hai: जगन्नाथ भगवान को हिन्दू धर्म में और विशेषकर ओड़िया संस्कृति में केंद्रीय महत्व होता है। हर वर्ष आषाढ़ के महीने में जगन्नाथ भगवान् की भव्य यात्रा निकाली जाती है जो कई दिनों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।
इस रथ यात्रा को देखने देशभर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं। इस रथयात्रा उत्सव के दौरान जगन्नाथ भगवान अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल व भव्य रथों में यात्रा पर निकलते हैं। सभी श्रद्धालु लाखों की संख्या में कई सौ किलो के रथ को खींचते हैं और यात्रा पूरी करते हैं। जानते हैं इस वर्ष की जगन्नाथ यात्रा की तिथि, मुहूर्त और महत्व के बारे में विस्तार से -

जगन्नाथ यात्रा 2024 तिथि (Jagannath Rath Yatra 2024)
जगन्नाथ यात्रा आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को शुरू होती है। इस वर्ष इस रथ यात्रा की शुरुआत 7 जुलाई से होगी। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि 7 जुलाई को सुबह 04:26 बजे से शुरू होकर 8 जुलाई को सुबह 04:59 बजे समापन होगा। उदया तिथि को मानते हुए 7 जुलाई से रथयात्रा प्रारम्भ होगी।
जगन्नाथ रथ यात्रा 7 जुलाई को सुबह 8:05 से लेकर 9:27 बजे तक निकाली जाएगी। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे से 01:37 तक और फिर शाम 04:39 बजे से 06:01 बजे तक निकाली जाएगी।
जगन्नाथ यात्रा विधि (Jagannath Yatra Process in Hindi)
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन को गर्भगृह से बाहर निकालकर स्नान कराया जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार इसके बाद तीनों भगवान को बुखार आ जाता है, इसलिए उनके मंदिर का द्वार बंद करके शयन कक्ष में उन्हें आराम करने दिया जाता है। इसके बाद आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को वे स्वस्थ होकर विश्राम कक्ष से बाहर निकलते हैं और इसी ख़ुशी में रथयात्रा निकाली जाती है।
जगन्नाथ रथयात्रा का धार्मिक महत्व (Jagannath Rath Yatra Significance)
ओड़िशा के पूरी में भगवान श्रीकृष्ण जगन्नाथ देव के रूप में विद्यमान हैं। साल में एक बार निकलने वाली इस यात्रा में शामिल होने का अर्थ 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है। रथयात्रा में शामिल होने और पूरी श्रद्धा से जगन्नाथ भगवान की आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications