Latest Updates
-
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता
भगवान को क्यों लगाया जाता है भोग? प्रसाद चढ़ाने से पहले जरूर जान लें ये नियम

सनातन धर्म में पूजा-पाठ का बहुत महत्व है। चाहें फिर घर में पूजा की जाए, या फिर किसी मंदिर में या सिर्फ भगवान के दर्शन के लिए ही क्यों न मंदिर जाएं, भोग और प्रसाद का विशेष महत्व होता है। ऐसे में भगवान को प्रसाद चढ़ाने को लेकर भी कई नियम बनाए गए है। जिनका पालन करना जरूरी होता है। ऐसी मान्यता है कि बिना भोग और प्रसाद के आपकी पूजा भगवान स्वीकार नहीं करते हैं। लेकिन प्रसाद और भोग चढ़ाने को लेकर भी कई नियम है, जिसके अनुसार ही पूजा-पाठ में भोग चढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है भगवान को भोग चढ़ाने के नियम...
भगवान को क्यों लगाया जाता है भोग ?
हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक किसी भी पूजा-पाठ या शुभ कार्य के समय भगवान को प्रसाद या भोग चढ़ाया जाता है। इसी तरह व्रत के दौरान भी भोग चढ़ाने की परंपरा है। ऐसे में भगवान को हमेशा शुद्ध आहार का ही भोग चढ़ाना चाहिए। पूजा का प्रसाद बहुत शुद्धता के साथ बनाया जाता है। क्योंकि अशुद्ध भोग भगवान स्वीकार नहीं करते हैं। अथर्व वेद में भी बताया गया है कि भोजन हमेशा भगवान को भोग लगाने के बाद ही खाना चाहिए।
भगवान को भोग चढ़ाने के नियम
1. भोग लगाने का बर्तन
भोग के साथ जिस बर्तन में भगवान को भोग लगाया जाता है वह भी महत्वपूर्ण होता है। कई लोग भगवान को भोग जमीन पर रखकर लगाते हैं, जो शास्त्रों के मुताबिक शुभ नहीं होता है। भोग लगाने के लिए हमेशा पीतल, चांदी, मिट्टी या स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए। हिंदू धर्म में इन पात्रों को बहुत शुभ माना जाता है।
2. भगवान को प्रसाद में न चढ़ाए ये चीजें
देवी देवताओं को चढ़ाए जाने वाला भोग शुद्ध होना चाहिए। उसमें कभी भी मिर्च, मसाला, और नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। भगवान को सात्विक भोग ही पसंद है, ऐसे में बिना लहसुन और प्याज का भी इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आप कोशिश करें की हमेशा फल, मीठा और सात्विक भोजन ही भोग के रूप में इस्तेमाल करें।
3. भोग लगाने के बाद बचे प्रसाद का क्या करें?
भगवान को भोग चढ़ाने के बाद बचे हुए प्रसाद को भगवान के सामने से हटा दें। ऐसी मान्यता है कि बचे हुए प्रसाद को भगवान के सामने रखने से देवी-देवता नाराज हो सकते हैं। शास्त्रों में भी बचें प्रसाद को भगवान के सामने रखने को नकारात्मकता से जोड़ा गया है। ऐसे में घर में दरिद्रता भी आ सकती है।
4. प्रसाद बांटने के नियम
पूजा-पाठ के बाद प्रसाद रखने के स्थान पर उसे तुरंत लोगों में बांट देना चाहिए। प्रसाद फेंका न जाए, या पड़ा न रह जाए, इसका भी विशेष ध्यान दें। ऐसा माना जाता है कि प्रसाद को ज्यादा से ज्यादा लोगों में बांटने से भगवान खुश होते हैं।
5. भोग के साथ जरूर रखें जल
ऐसा कहा जाता है कुछ भी खाने के बाद एक घूंट पानी जरूर पीना चाहिए। वैसे ही भगवान को भी भोग लगाने के साथ जल भी चढ़ाना चाहिए। भगवान को भोग लगाने के बाद जल को भी बांट दें।
Disclaimer: The information is based on assumptions and information available on the internet and the accuracy or reliability is not guaranteed. Boldsky does not confirm any inputs or information related to the article and our only purpose is to deliver information. Kindly consult the concerned expert before practising or implementing any information and assumption.



Click it and Unblock the Notifications