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भगवान को क्यों लगाया जाता है भोग? प्रसाद चढ़ाने से पहले जरूर जान लें ये नियम

सनातन धर्म में पूजा-पाठ का बहुत महत्व है। चाहें फिर घर में पूजा की जाए, या फिर किसी मंदिर में या सिर्फ भगवान के दर्शन के लिए ही क्यों न मंदिर जाएं, भोग और प्रसाद का विशेष महत्व होता है। ऐसे में भगवान को प्रसाद चढ़ाने को लेकर भी कई नियम बनाए गए है। जिनका पालन करना जरूरी होता है। ऐसी मान्यता है कि बिना भोग और प्रसाद के आपकी पूजा भगवान स्वीकार नहीं करते हैं। लेकिन प्रसाद और भोग चढ़ाने को लेकर भी कई नियम है, जिसके अनुसार ही पूजा-पाठ में भोग चढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है भगवान को भोग चढ़ाने के नियम...
भगवान को क्यों लगाया जाता है भोग ?
हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक किसी भी पूजा-पाठ या शुभ कार्य के समय भगवान को प्रसाद या भोग चढ़ाया जाता है। इसी तरह व्रत के दौरान भी भोग चढ़ाने की परंपरा है। ऐसे में भगवान को हमेशा शुद्ध आहार का ही भोग चढ़ाना चाहिए। पूजा का प्रसाद बहुत शुद्धता के साथ बनाया जाता है। क्योंकि अशुद्ध भोग भगवान स्वीकार नहीं करते हैं। अथर्व वेद में भी बताया गया है कि भोजन हमेशा भगवान को भोग लगाने के बाद ही खाना चाहिए।
भगवान को भोग चढ़ाने के नियम
1. भोग लगाने का बर्तन
भोग के साथ जिस बर्तन में भगवान को भोग लगाया जाता है वह भी महत्वपूर्ण होता है। कई लोग भगवान को भोग जमीन पर रखकर लगाते हैं, जो शास्त्रों के मुताबिक शुभ नहीं होता है। भोग लगाने के लिए हमेशा पीतल, चांदी, मिट्टी या स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए। हिंदू धर्म में इन पात्रों को बहुत शुभ माना जाता है।
2. भगवान को प्रसाद में न चढ़ाए ये चीजें
देवी देवताओं को चढ़ाए जाने वाला भोग शुद्ध होना चाहिए। उसमें कभी भी मिर्च, मसाला, और नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। भगवान को सात्विक भोग ही पसंद है, ऐसे में बिना लहसुन और प्याज का भी इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आप कोशिश करें की हमेशा फल, मीठा और सात्विक भोजन ही भोग के रूप में इस्तेमाल करें।
3. भोग लगाने के बाद बचे प्रसाद का क्या करें?
भगवान को भोग चढ़ाने के बाद बचे हुए प्रसाद को भगवान के सामने से हटा दें। ऐसी मान्यता है कि बचे हुए प्रसाद को भगवान के सामने रखने से देवी-देवता नाराज हो सकते हैं। शास्त्रों में भी बचें प्रसाद को भगवान के सामने रखने को नकारात्मकता से जोड़ा गया है। ऐसे में घर में दरिद्रता भी आ सकती है।
4. प्रसाद बांटने के नियम
पूजा-पाठ के बाद प्रसाद रखने के स्थान पर उसे तुरंत लोगों में बांट देना चाहिए। प्रसाद फेंका न जाए, या पड़ा न रह जाए, इसका भी विशेष ध्यान दें। ऐसा माना जाता है कि प्रसाद को ज्यादा से ज्यादा लोगों में बांटने से भगवान खुश होते हैं।
5. भोग के साथ जरूर रखें जल
ऐसा कहा जाता है कुछ भी खाने के बाद एक घूंट पानी जरूर पीना चाहिए। वैसे ही भगवान को भी भोग लगाने के साथ जल भी चढ़ाना चाहिए। भगवान को भोग लगाने के बाद जल को भी बांट दें।
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