Latest Updates
-
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 31 March 2026: मार्च के आखिरी दिन इन 4 राशियों का खुलेगा भाग्य, जानें आज का भविष्यफल -
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत
Full Moon and Pregnant Women: पूर्णिमा की रात गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों होती है खास?
Purnima Ke Din Pregnant Lady Kya Kare: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही विशेष माना गया है। इस दिन स्नान, दान और ध्यान करने का महत्व बताया गया है। पूर्णिमा तिथि की महत्ता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यह दिन गर्भवती महिलाओं के लिए भी बहुत शुभदायी होती है।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने और जीवन की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पूर्णिमा तिथि पर कुछ विशेष उपाय किये जाते हैं। वहीं पूर्णिमा तिथि की सकारात्मकता मां के साथ गर्भ में पलने वाले बच्चे को भी प्रभावित करती है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि पूर्णिमा की रात गर्भवती महिलाओं के लिए खास क्यों होती है और इस रात उन्हें क्या करना चाहिए।

पूर्णिमा चांद की रौशनी से नहाएं
यदि कोई महिला गर्भवती है तो उसे साड़ी या इस तरह का कोई वस्त्र पहनना चाहिए जिससे उनके गर्भ पर सीधे चांद की रौशनी पड़ सके। प्रयास करें कि 20 से 25 मिनट तक पूर्णिमा चांद की किरणें सीधे कोख पर ही पड़े। इस दौरान आपके गर्भ में पल रहा बच्चा हलचल भी कर सकता है। पूर्णिमा की रौशनी से उसे जरूर लाभ होगा।पूर्णिमा चांद की
किरणों के क्या फायदे हैं?
वैज्ञानिक दृष्टि से भी चांद की रौशनी को सकारात्मक और स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। पूर्णिमा की रात चंद्रमा धरती के बहुत करीब आ जाता है। पूर्णिमा की रात चन्द्रमा की किरणों में खास तरह के लवण और विटामिन आ जाते हैं। इसका शुभ प्रभाव आम लोगों पर ही नहीं बल्कि गर्भवती महिलाओं पर भी पड़ता है। चंद्रमा की शीतल किरणें सीधे शरीर पर पड़ती है। इससे मन में शीतलता आती है। मानसिक तनाव में भी राहत मिलती है।
गर्भवती महिलाएं पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय
पूर्णिमा तिथि के मौके पर गर्भवती महिलाओं को चंद्रमा की चांदनी रौशनी में खीर रखनी चाहिए। इसे फिर भगवान को भोग लगाकर स्वयं ग्रहण करें। इसका असर मां के साथ साथ गर्भ में पलने वाले बच्चे पर भी होगा। ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं का ओज बढ़ता है और बेचैन मन को शांति मिलती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











