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Mahavir Jayanti 2025: 9 या 10 अप्रैल, कब है महावीर जयंती? जानें सही तारीख और उनका महत्व
Mahavir Jayanti 2025: हर साल चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन जैन धर्म के अनुयायी महावीर जयंती मनाते हैं। यह जैन समुदाय का सबसे बड़ा और पावन पर्व है। इस दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म हुआ था। इस शुभ अवसर पर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, विधान, प्रभात फेरी और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। भगवान महावीर की प्रतिमा का सोने-चांदी के कलशों से अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु दान-पुण्य करते हैं और अहिंसा व सत्य जैसे सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लेते हैं।

महावीर जयंती कब है?
पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 9 अप्रैल, बुधवार को रात 10:56 बजे से होगी और यह तिथि 10 अप्रैल, गुरुवार को रात 1:01 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, महावीर जयंती 10 अप्रैल को मनाई जाएगी।
भगवान महावीर के पंचशील सिद्धांत
1. अहिंसा:
किसी भी जीव को दुख या कष्ट न पहुँचाना ही सच्ची अहिंसा है। यह भगवान महावीर का सबसे प्रमुख सिद्धांत है।
2. सत्य:
हर परिस्थिति में सत्य बोलना और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। सत्य ही मोक्ष का मार्ग है।
3. अस्तेय:
जो वस्तु आपको स्वेच्छा से न दी गई हो, उसे न लेना। यह आत्म-संयम और ईमानदारी की शिक्षा देता है।
4. ब्रह्मचर्य:
इंद्रिय संयम और शुद्ध विचारों से जीवन जीना। यह आंतरिक शांति का आधार है।
5. अपरिग्रह:
जरूरत से ज़्यादा चीज़ें न रखना और भौतिक वस्तुओं से मोह त्यागना। यही सच्चा संतोष है।
महावीर स्वामी के ये पांच सिद्धांत आज भी जीवन में शांति, संयम और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।



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