Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
Nag Panchami 2024: नाग पंचमी पर घर के दरवाजे पर गोबर से बनाये जाते हैं सांप, जानें इसका कारण
Nag Panchami 2024: श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी का त्यौहार इस वर्ष 09 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में नाग देवता को भगवान भोलेनाथ का प्रिय माना जाता है।
इस दिन नाग देवता की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

नाग पंचमी 2024 (Nag Panchami 2024)
इस साल नाग पंचमी 09 अगस्त को है। पूजा का शुभ समय शाम 05:47 बजे से शुरू होकर रात 08:27 बजे तक है। दोपहर की पूजा करने वालों के लिए यह समय दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल पूजा शाम 06:33 बजे से रात 08:20 बजे के बीच की जा सकती है।
गाय के गोबर से बनाई जाती है सांप की आकृति
हिंदू धर्म में गोबर से सांप की आकृति बनाना एक प्राचीन परंपरा रही है। नाग पंचमी के दिन घरों के मुख्य द्वार पर यह आकृति बनाई जाती है। सनातन धर्म में नाग देवता को जल और अन्न का देवता माना जाता है। माना जाता है कि इस आकृति के साथ नाग देवता की पूजा करने से वर्षा और समृद्धि आती है।
भगवान शिव के गले में नाग देवता विराजमान हैं। इसलिए, शिव और पार्वती की पूजा गोबर से बने नाग की मूर्ति के साथ की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस प्रथा से परिवारों में खुशियाँ आती हैं और घरों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
घर के द्वार पर सांप की आकृति बनाने और पूजने के लाभ
नाग पंचमी के दिन घरों के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से बनी सांप की आकृति रखी जाती है। हिंदू धर्म में इस परंपरा की जड़ें बहुत पुरानी हैं। ऐसा माना जाता है कि इस प्रथा से घर में शुभता आती है और सांप दूर रहते हैं। परिवारों में खुशियाँ और सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की पूजा से व्यक्ति के जीवन से सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं। इससे घर में सांपों के घुसने का डर नहीं रहता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
