Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
नवरात्रि 2023: भारी संकट का संकेत है मां दुर्गा का डोली में आगमन
इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। ऐसे में भक्तगण पहले से ही अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों अथवा घरों में देवी मां के नौ रूपों की विशेष पूजा की जाती है।
इसके अलावा माता के आगमन और प्रस्थान के वाहन को भी बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। मां दुर्गा का वाहन सिंह है, लेकिन नवरात्रि के दौरान माता अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं। शास्त्रों के अनुसार यह वाहन भी कई तरह के शुभ अशुभ फल देते हैं।

नवरात्रि में देवी मां हाथी, घोड़ा, नौका और पालकी पर सवार होकर आती हैं। आइए जानते हैं जब देवी मां पालकी में बैठकर आती हैं तो इसका क्या अर्थ होता है।
जब गुरुवार और शुक्रवार को आरंभ हो नवरात्रि
यदि गुरुवार और शुक्रवार के दिन नवरात्रि की शुरुआत होती है तो मां दुर्गा डोली में बैठकर आती हैं। कहते हैं नवरात्रि के दौरान माता पूरे नौ दिनों के लिए अपने मायके आती हैं और लोगों के दुखों को दूर करती हैं। हालांकि माता के चारों वाहन कई तरह के शुभ अशुभ फल देने वाले होते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवी मां का डोली में आना अशुभ संकेत देता है।
माता का डोली में आने का अर्थ
कहा जाता है कि मां भगवती का डोली में आना प्राकृतिक आपदाओं और महामारी की ओर इशारा करता है। यह भविष्य में होने वाली कई सारी समस्याओं का संकेत देता है। जानकारों के अनुसार जिस वर्ष माता डोली में सवार होकर आती हैं उस साल देश की राजनीतिक गलियारों में भी उथल-पुथल मचती है।



Click it and Unblock the Notifications
