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Maha Ashtami 2023: इस बार आ रही है महाअष्टमी, बन रहे हैं दुर्लभ योग
Maha Ashtami 2023: शक्ति की आराधना के नौ पावन दिन जिसे नवरात्र कहते हैं इसमें सबसे ज्यादा शक्तिशाली अष्टमी को माना जाता है। अष्टमी को महाष्टमी भी कहते हैं। इस दिन लोग कन्या पूजन करते हैं।
आज के दिन माता की पूजा अर्चना से शत्रु पर विजय प्राप्त करने की शक्ति प्राप्त होती है। जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, घर में शुभता आती है और भक्त रोगमुक्त होता है। दुर्गा सप्तशती में भी अष्टमी के महत्व का उल्लेख है।

अष्टमी अपने आप में काफी शक्तिशाली है, उसपर से अगर आपको हम ये बताये की इस दिन बहुत सारे सुनहरे योग बन रहे हैं तो आपको पता चल जायेगा की इस बार की अष्टमी साधारण अष्टमी नहीं है। आइये बताते हैं उन योगो के बारे में।
शारदीय नवरात्रि महाअष्टमी 2023
22 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 58 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी और इस समय माता की पूजा अर्चना करना श्रेयस्कर होगा। 15 अक्टूबर से लेकर 23 अक्टूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि के अष्टमी के दिन दुर्लभ भद्रवास योग बन रहा है। भद्रवास योग का अर्थ ये है कि इस समय भद्रा पाताल लोक चली जाती हैं। जब भद्रा पाताल लोक में रहती हैं तब पृथ्वी पर रहने वाले जीवों का कल्याण होता है। अष्टमी के दिन भद्रा पाताल लोक में वास करेंगी और इस समय माता दुर्गा की पूजा अर्चना से कई गुना ज्यादा फल प्राप्त होता है।

इसके अलावा करण योग भी बन रहा है जो बहुत शुभ होता है। रवि योग का भी निर्माण हो रहा है जो साधकों के लिए बहुत शुभ होता है। सबसे महत्वपूर्ण योग है सर्वार्थ सिद्धि योग। ये योग भी अष्टमी के दिन बन रहा है। इसलिए इस बार की अष्टमी काफी शक्तिशाली है जिसका भक्तों को जरुर लाभ लेना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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