Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा ने बताए क्यों करनी चाहिए हनुमान जी की उपासना हर कष्टों का होता है निवारण
नीम करोली बाबा, जिनका असली नाम लक्ष्मण दास था, भारत के ऐसे संतों में से एक थे जो भगवान हनुमान जी के परम भक्त माने जाते हैं। बाबा ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में ही हनुमान जी के प्रति गहरा ज्ञान और भक्ति प्राप्त कर ली थी। वे हनुमान जी को अपना आराध्य ही नहीं बल्कि गुरु भी मानते थे। उन्होंने अपने जीवन में कम से कम 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण करवाया, जो उनकी भक्ति और सेवा भावना का स्पष्ट प्रमाण है।
नीम करोली बाबा का कहना था कि जो भी व्यक्ति निष्ठा और श्रद्धा से हनुमान जी की पूजा करता है, उसके जीवन से सारी बाधाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं। उनका मानना था कि हनुमान जी की कृपा से जीवन में आने वाले संकट, रोग, विघ्न और मन की बेचैनी समाप्त हो जाती है। खुद नीम करोली बाबा ने बताया हनुमान जी की पूजा करने के विशेष लाभ।

रोज करें ये काम
वे अपने शिष्यों को प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह देते थे। बाबा कहते थे कि हनुमान चालीसा मात्र एक स्तुति नहीं है, बल्कि यह एक ऊर्जा स्रोत है जो मानसिक बल, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।
हनुमान जी के चमत्कारों का अनुभव
नीम करोली बाबा के जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब उन्होंने हनुमान जी की कृपा को प्रत्यक्ष अनुभव किया। कहा जाता है कि उन्होंने अपने ध्यान, त्याग और साधना के माध्यम से हनुमान जी की शक्ति को साक्षात देखा था। बाबा के अनुयायी मानते हैं कि वे स्वयं हनुमान जी के अंशावतार थे।
उन्होंने अपने जीवन में अनशन, त्याग, सेवा और उदारता को ही आध्यात्मिक पथ माना। बाबा हमेशा अपने शिष्यों को यही उपदेश देते थे कि हनुमान जी से प्रेम करो, उनकी सेवा करो और उन पर अटूट विश्वास रखो - यही जीवन की सच्ची साधना है।
हर घर में हो हनुमान जी की उपासना
नीम करोली बाबा का यह भी मानना था कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में हनुमान जी के लिए एक स्थान रखना चाहिए। चाहे वो रोज़ प्रार्थना हो, या हनुमान चालीसा का पाठ - यह जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और साहस से भर देता है। बाबा का यह संदेश आज भी लोगों को प्रेरित करता है कि सच्ची भक्ति से बड़ा कोई साधन नहीं होता।



Click it and Unblock the Notifications