Latest Updates
-
क्या पीरियड्स के दौरान कर सकते हैं नवरात्रि कन्या पूजन? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और धार्मिक नियम -
Navratri Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Navratri Day 7 Wishes: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि के भक्तिमय संदेश भेजकर प्रियजनों को दें शुभकामनाएं -
Navratri 2026 Wishes In Sanskrit: मां कालरात्रि के दिव्य संस्कृत श्लोकों से दें भक्तों को शुभकामना -
Chaiti Chhath 2026 Usha Arghya Wishes: चैती छठ का तीसरा दिन आज, अपनों को भेजें ऊषा अर्घ्य की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 25 March 2026: नवरात्रि के 7वें दिन चमकेगा इन 5 राशियों का भाग्य, जानें आज का राशिफल -
13 साल कोमा में रहने वाले हरीश राणा का निधन, जानें ऐसे मरीज के अंग दान हो सकते हैं या नहीं? -
इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा का निधन, दिल्ली के एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस -
Chaiti Chhath Geet 2026: 'कांच ही बांस' से 'उग हो सुरुज देव' तक, इन गीतों के बिना अधूरा है छठ पर्व -
दुनिया का सबसे खतरनाक जहर? 1 बूंद से मौत पक्की, 'धुरंधर-2' में क्यों हुई डाइमिथाइल मरक्यूरी की चर्चा
Mantra on Loudspeaker: लाउडस्पीकर पर मंत्र लगाकर सुनना सही या गलत, जानें प्रेमानंद महाराज का उत्तर
Gayatri Mantra on Loudspeaker: प्रेमानंद महाराज जी एक महान वक्ता हैं। वह बहुत सुखद सरल प्रवृत्ति के संत हैं। वर्तमान समय में महाराज जी काफी लोकप्रिय भी हैं। उनकी वीडियो हर सेकंड सोशल मीडिया में वायरल होती रहती है। भारत ही नहीं अपितु देश-विदेश में उनके वीडियो देखे जाते हैं।
महाराज जी अपनी वाणी से लोगों की जीवन शैली में सही मार्ग निर्देशित करते हैं। मथुरा वृंदावन में स्थित महाराज जी के आश्रम में देश के कोने-कोने से दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनसे भक्त तरह तरह के सवाल भी करते हैं और महाराज उनके सरल उत्तर भी देते हैं। आइये जानते हैं लाउडस्पीकर में मंत्र उच्चारण करने के बारे में प्रेमानंद महाराज जी क्या कहते हैं।

लाउडस्पीकर पर तेज आवाज में गायत्री मंत्र चलाना सही है?
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि कभी-कभी लोग तेज आवाज में लाउडस्पीकर पर गायत्री मंत्र सुनते हैं। प्रेमानंद महाराज जी इसको घोर अपराध मानते हैं। पंचाक्षरी मंत्र, गायत्री मंत्र, द्वादश अक्षर मंत्र यह सभी लाउडस्पीकर पर चलाने का अर्थ है कि हम पाप के भागीदार बन रहे हैं। इससे कई बार बुद्धि भ्रष्ट भी हो जाती है। इसी कारण इसका जीवन में लाभ नहीं मिलता है। प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि गायत्री मंत्र ब्रह्म स्वरुप है। इसे सच्चे मन से सुनने से मनुष्य वृत्तिकार हो जाता है। इसके अंदर इतनी ताक़त होती है।
ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
अर्थ: : हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिसने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञान की दूर करने वाला हैं- वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











