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Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज के अनुसार यह काम है महापाप के समान, इसका नहीं है प्रायश्चित
Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज जी बहुत ही प्रसिद्ध है और इसके साथ ही महाराज जी का एकांतिक वार्तालाप भी काफी महशूर है। महाराज जी का प्रवचन देश ही नहीं अपितु विदेश के कोने-कोने में सुना जाता है और दर्शन के लिए श्रद्धालु लाखों की संख्याओं में उनके आश्रम में पहुँंचते हैं। प्रेमानंद महाराज जी ने कई ऐसे कार्यों पर प्रकाश डाला है जिनसे व्यक्ति पाप का भागी बनता है।
प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक चार ऐसे कार्य है जिसे भूलकर भी नहीं करना चाहिए। यह चार काम किसी भी व्यक्ति की बुद्धि का नाश कर सकते हैं और जीवन में बाधा ला सकते है। आइये जानते हैं प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक कौन से ऐसे कार्य हैं जो महापाप के समान है।

दूसरे स्त्री पुरुष से संपर्क
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि किसी भी पुरुष या स्त्री को अपने ही पति या पत्नी से प्रेम संबंध रखना चाहिए। ऐसा करने से एक दूसरे का आत्मविश्वास तथा प्यार लंबे अंतराल तक बना रहता है। प्रेमानंद महाराज जी के अनुसार अपने पति-पत्नी के अलावा दूसरे के साथ प्रेम संबंध या फिर बातचीत बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह विनाश का कारण बन सकता है। इसमें व्यक्ति का विनाश निश्चित होता है।
जुआ है सामाजिक बुराई
प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि जुआ एक विनाशकारी कारक है। यह एक प्रकार की सामाजिक बुराई है। जुए की आदत से व्यक्ति अपने नैतिक स्तर से नीचे गिर जाता है। मान प्रतिष्ठा बिल्कुल भी नहीं रहती हैं। इससे व्यक्ति अंदर लालच बढ़ जाता है।
मांसाहार करने से बचें
प्रेमानंद महाराज की कहते हैं कि मांस का सेवन करना सबसे बड़ा पाप है। जो भी व्यक्ति बस अपने स्वाद के लिए किसी दूसरे जीव को मारता है तथा उसका भक्षण करता है, वह जीवन भर कष्ट पाता है। मांस के सेवन से व्यक्ति को वंचित रहना चाहिए।
शराब का भी त्याग करें
जिस व्यक्ति को पीने की आदत पड़ जाती है, वह धीरे-धीरे गलत रास्ते पर चलते हैं। परिवार और समाज में उन्हें हीन दृष्टि से देखा जाता है। उसकी समाज में किसी भी प्रकार से मान प्रतिष्ठा नहीं रहती इसलिए शराब जैसी हानिकारक चीज़ से परहेज़ करना चाहिए।
Image Credit: Instagram
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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