Latest Updates
-
Bakrid 2026: बकरीद की नमाज कैसे पढ़ें? जानें नियत, तकबीरें और पुरुषों-औरतों के लिए सही तरीका -
Bakrid Mubarak Wishes 2026: रब की रहमत आप पर बरसती रहे...बकरीद पर अपनों को भेजें 50+ दिल छू लेने वाले संदेश -
Qurbani Ki Dua: बकरीद पर कुर्बानी से पहले और बाद में कौन सी दुआ पढ़ी जाती है? नोट कर लें सही तरीका -
Simple Jeera Style Aloo Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं चटपटी और स्वादिष्ट सब्जी -
Eid Mubarak Wishes For Friends: बकरीद पर दोस्तों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में कहें ईद मुबारक -
Bihar Original Method Litti Chokha Recipe: घर पर पाएं पारंपरिक सोंधा स्वाद -
Eid Mubarak Wishes For Husband: चांद रात की रौनक...लाइफ पार्टनर को भेजें ईद-उल-अजहा की रोमांटिक मुबारकबाद -
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज -
UP Village Style Aloo Matar Recipe: घर पर पाएं गांव के स्वाद वाली लाजवाब सब्जी -
क्या सिरदर्द की दवा से पेट का दर्द भी ठीक हो सकता है? पहले जान लें ये दवाएं हमारे शरीर में कैसे काम करती हैं
Rang Panchami 2025 Date : कब मनाई जाएगी रंग पंचमी, पढ़िए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Rang Panchami 2025 Date and Time : हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होली का त्योहार मनाया जाता है, और इसके पांचवें दिन रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवी-देवताओं को रंग अर्पित करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

रंग पंचमी 2025 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 18 मार्च 2025 को रात 10:09 बजे से प्रारंभ होगी और 20 मार्च 2025 को रात 12:36 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष रंग पंचमी 19 मार्च 2025 को मनाई जाएगी।
रंग पंचमी 2025 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:51 से 05:38 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:54 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:29 से 06:54 तक
निशिता मुहूर्त: रात 12:05 से 12:52 तक
रंग पंचमी का महत्व
रंग पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी और एक-दूसरे को गुलाल लगाया था। साथ ही, इसी दिन देवी-देवताओं ने भी पृथ्वी लोक पर आकर होली खेली थी। इस कारण से इस पर्व को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
रंग पंचमी का पर्व क्यों मनाया जाता है?
धार्मिक मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन देवी-देवताओं को गुलाल और अबीर अर्पित करने से कुंडली में मौजूद दोष समाप्त हो जाते हैं और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन देवी-देवता धरती लोक पर आते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
रंग पंचमी के लाभ
- इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करने और गुलाल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- कुंडली में मौजूद दोषों का निवारण होता है।
- सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है।
- धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना फल प्राप्त होता है।



Click it and Unblock the Notifications