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Sawan 2023 First Day: सावन के पहले दिन ही बनेंगे 3 शुभ संयोग, इस दौरान ये काम कर पाएं शिवपार्वती का आशीर्वाद
Sawan 2023 Kab Se Hai: शिव भक्तों का इन्तजार खत्म होने वाला है। महादेव के प्रिय माह सावन का शुभारंभ 4 जुलाई मंगलवार से होने जा रहा है।
सावन का महीना अपने आप में ही बहुत शुभ होता है लेकिन इस साल इस मास की शुरुआत और भी पावन तरीके से होने जा रही है। इस बार सावन का पहला दिन ही अपने आप में विशेष होने वाला है।

इस साल अधिकमास जुड़ने से सावन 59 दिनों का हो गया है। सावन का पहला दिन मंगलवार से शुरू होगा और इस दिन मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा। इसके अलावा सावन के प्रथम दिन 3 शुभ संयोगों का निर्माण भी हो रहा है जिससे शिव भक्तों का कल्याण होगा।
सावन 2023 का पहला दिन कब है?
श्रावण मास का शुभ आरंभ 4 जुलाई, मंगलवार से हो रहा है। इस दिन सावन महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी।
सावन के पहले दिन बन रहे हैं ये शुभ योग
सावन के पहले दिन यानी 4 जुलाई को इंद्र योग और पूर्वाषाढा नक्षत्र है। पूर्वाषाढा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 08 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इसके पश्चात् उत्तराषाढा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन इन्द्र योग प्रात:काल से लेकर सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगा और इसके बाद वैधृति योग रहेगा।
सावन के प्रथम दिन मिलेगी मां पार्वती की कृपा
सावन के पहले दिन ही जो सबसे बड़ा संयोग है कि इस माह की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। आपको बता दें कि सावन के सभी मंगलवार माता पार्वती को समर्पित हैं और इस दिन मंगला गौरी व्रत किया जाता है। सुहागन महिलाओं के लिए ये विशेष दिन होता है। शिवजी और पार्वती माता की पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखद रहता है। सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही संतान प्राप्ति के योग भी बनते हैं।
त्रिपुष्कर योग से मिलेगा तीन गुना फल
सावन के प्रथम दिन त्रिपुष्कर का शुभ संयोग रहेगा। इस दिन दोपहर 01 बजकर 38 मिनट से त्रिपुष्कर योग प्रारंभ होगा और अगले दिन सुबह 05 बजकर 28 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसी मान्यता है कि त्रिपुष्कर योग में किये गए पूजा-पाठ और धर्म कर्म के कार्यों का तीन गुना फल मिलता है।

शिववास का शुभ संयोग
सावन के प्रथम दिन पर शिववास का शुभ संयोग रहने वाला है। यह प्रातः काल से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। शिववास को भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। इस समय पर किये गए रुद्राभिषेक से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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