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Sawan 2023: सावन में जरूर करें 'कर्पूर गौरम करुणावतारम' मंत्र का जाप, मिलेगा शिवजी का असीम आशीर्वाद
Karpur Gauram Karunavtaaram Mantra: ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करना अन्य देवी देवताओं की तुलना में ज्यादा सरल है। सच्चे मन से जो एक लोटा स्वच्छ जल शिवलिंग पर चढ़ा देता है महादेव उसपर भी खुश हो जाते हैं।
भोले बाबा भक्तो में भेदभाव नहीं करते हैं, जो जातक सच्चे मन से शिवजी को भजता है, महादेव प्रसन्न होकर उसकी मनोकामना पूरी करते हैं चाहे वो कोई असुर ही क्यों ना हो।

ऐसी मान्यता है कि शिवजी सावन के महीने में जल्दी कृपा बरसाते हैं। कुछ विशेष मंत्र हैं जो महादेव से संबंधित हैं और उनके अलग अलग महत्व हैं। इन्हीं मंत्रों में 'कर्पूर गौरम करुणावतारं' को काफी विशेष माना जाता है। यह भगवान शिव के प्रमुख मंत्रों में से एक हैं और इसके जाप से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। आइये इस लेख में जानते हैं 'कर्पूर गौरम करुणावतारं' मंत्र, इसके अर्थ और इसके जाप से मिलने वाले लाभ के बारे में।
इस मंत्र से करें शिवजी की स्तुति
कर्पूरगौरं करुणावतारम् संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् |
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि ||
'कर्पूर गौरम करुणावतारं' मंत्र का अर्थ क्या है?
कर्पूरगौरं- जो कपूर के समान सफेद और शुद्ध है
करुणावतारं- जो करुणा के अवतार हैं
संसारराम- ब्रह्मांड की सच्ची आत्मा, जो संपूर्ण सृष्टि के सार हैं
भुजगेंद्रहारम्- जो अपने गले में नागों की माला धारण किए हुए हैं
सदावसंतम् ह्रदयारविन्दे- कमल के समान पवित्र हृदय में निवास करने वाले
भवं भवानीसहितं नमामि- जो भगवान शिव माता पार्वती के संग मेरे ह्रदय में निवास करते हैं, उन्हें प्रणाम है।
आसान शब्दों में इस मंत्र का सार है कि वह जो कपूर की तरह शुद्ध, जिनका व्यक्तित्व करुणा का अवतार है। जो संपूर्ण सृष्टि के सार हैं और जो सांपों के राजा को अपने गले में हार की तरह धारण करते है, वे भगवान, शिव और माता भवानी सहित हृदय में सदैव निवास करें, उनको प्रणाम है।

कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र जाप के क्या लाभ हैं?
'कर्पूर गौरं करुणावतारं' मंत्र का उल्लेख यजुर्वेद में मिलता है। इस मंत्र के जाप से कई चमत्कारी लाभ मिलते हैं। यह बहुत ही विशेष शिवा मंत्रों में से एक है। मन जाता है कि जो जातक इस मंत्र का जाप नियमित रूप से करता है उसके सभी संकट समाप्त हो जाते हैं। हर मुसीबत से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। व्यक्ति के अंदर धैर्य और साहस दोनों बढ़ता है।
यह मनुष्य को नकारात्मकता से दूर रखने में भी मदद करता है। इस मंत्र के जाप से सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है जो हमें हमारे आसपास एक कवच के रूप में काम करती है। इस मंत्र की महत्ता आप इस बात से ही समझ सकते हैं कि किसी भी आरती के बाद इस (कर्पूर गौरं करुणावतारं) मंत्र का जाप अनिवार्य माना गया है अन्यथा आरती का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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