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Shab E Barat Roza 2025 : शब ए बारात का रोजा कब रखा जाएगा? जानें नियत से लेकर रोजा खोलने तक की दुआ
Shab E Barat 2025 Roza Timing : इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात को पाक रात माना जाता है, जिसमें इबादत का सवाब 83 साल 4 महीने की इबादत के बराबर होता है। इस रात मुस्लिम समुदाय अल्लाह से गुनाहों की माफी मांगता है। कई लोग इस दिन रोजा भी रखते हैं, हालांकि यह अनिवार्य नहीं है। रोजा रखने के लिए सहरी में हल्का और पौष्टिक भोजन करें, दिनभर संयम रखें, नमाज अदा करें और इफ्तार के समय खजूर व पानी से रोजा खोलें।

शब-ए-बारात रोजा टाइम 2025
शब-ए-बारात का रोजा 14 फरवरी 2025 को रखा जाएगा। यह फर्ज नहीं है, लेकिन इसे रखने से गुनाहों की माफी मिलती है। शब-ए-बारात का रोजा 14 फरवरी 2025 को रखा जाएगा। इस दिन सहरी का समय सुबह 5:14 बजे तक है और इफ्तार शाम 5:54 बजे होगा। यह रोजा फर्ज नहीं है, लेकिन इसे रखने से गुनाहों की माफी और अल्लाह की रहमत हासिल होती है। इस पाक दिन पर इबादत कर अल्लाह से रहमत मांगी जाती है। रोजा रखने वाले सहरी और इफ्तार का खास ख्याल रखें।
शब-ए-बारात रोजा 2025 सहरी-इफ्तार समय
शब-ए-बारात का रोजा 14 फरवरी 2025 को रखा जाएगा। इस दिन सहरी का समय सुबह 5:14 बजे तक है और इफ्तार शाम 5:54 बजे होगा। यह रोजा फर्ज नहीं है, लेकिन इसे रखने से गुनाहों की माफी और अल्लाह की रहमत हासिल होती है।
शब ए बरात का रोजा रखने की नियत
शब-ए-बारात का रोजा रखते समय यह नियत करनी चाहिए: "मैं यह रोजा शब-ए-बारात के मौके पर अल्लाह के लिए रख रहा/रही हूं। मैं अपने तमाम गुनाहों की माफी मांगता/मांगती हूं और अल्लाह से दुआ करता/करती हूं कि वह मुझे अगले साल के लिए अधिक तक़दीर और बेहतर जीवन प्रदान करे।" इस नियत को मन में जितनी बार हो सके दोहराएं और सहरी से पहले करें।
शब ए बरात रोज़ा खोलने की दुआ
शब-ए-बारात का रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ें: "अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु व अला रिजा'इ व फित्रि उम्र बियादिक अल्लाहुम्म अन्तस्सलाम व मिन्कस्सलाम तबारक्तयायाथदाल्जलाली व इक्राम।" इस दुआ के साथ रोजा खोलने से बरकत और सवाब मिलता है।
शब ए बरात रोजा खोलने की नियत
शब-ए-बारात का रोजा खोलते समय यह नियत पढ़नी चाहिए: "अल्लाह के नाम से मैं इस रोजे का इफ्तार करता/करती हूं और अल्लाह के लिए उसके रोजे का आदा करने का इंतजाम करता/करती हूं।" यह नियत इफ्तार से पहले दिल में दोहराने से सवाब मिलता है।



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