Latest Updates
-
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें
जानें गोवर्धन पूजा की तिथि, क्यों इस दिन को माना जाता है इतना ख़ास
दिवाली पर्व के अगले ही दिन गोवर्धन पूजा का उत्सव मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन गोधन यानी गायों की पूजा करने की परंपरा है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों की मानें तो द्वापर युग से ही गोवर्धन पूजा होती आ रही है। जानते हैं साल 2020 में गोवर्धन पूजा किस दिन की जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

गोवर्धन पूजा की तिथि और मुहूर्त
गोवर्धन पूजा पर्व तिथि: रविवार, 15 नवंबर 2020
गोवर्धन पूजा सायं काल मुहूर्त: दोपहर बाद 3 बजकर 19 मिनट से शाम 5 बजकर 27 मिनट तक
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: सुबह 10 बजकर 36 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 07 बजकर 05 मिनट (16 नवंबर 2020) तक।

गोवर्धन पूजा का धार्मिक महत्व
गोवर्धन पूजा करने के पीछे धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण इंद्र देव का अभिमान चूर करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर गोकुल वासियों की इंद्र के रौद्र रूप से रक्षा की थी। माना जाता है कि इसके बाद भगवान कृष्ण ने स्वंय कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन 56 भोग बनाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आदेश दिया दिया था। इसके बाद से ही गोवर्धन पूजा की प्रथा शुरू हुई जो आज भी कायम है। हर साल गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का त्योहार मनाया जाता है।
इस दिन अन्नकूट बनाकर गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। इस दिन धन दौलत, गाड़ी, अच्छे मकान के लिए कृष्ण जी और मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है ताकि नौकरी या व्यापार में खूब तरक्की मिल सके।

गोवर्धन पूजा से लाभ
अन्नकूट पर्व मनाने से मनुष्य को लंबी आयु तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है साथ ही दरिद्रता का नाश होकर मनुष्य जीवनपर्यंत सुखी और समृद्ध रहता है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन कोई मनुष्य दुखी रहता है तो वह वर्षभर दुखी ही रहेगा इसलिए हर मनुष्य को इस दिन प्रसन्न रहकर भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय अन्नकूट उत्सव को भक्तिपूर्वक तथा आनंदपूर्वक मनाना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications











