Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है
Kali Chaudas 2021: जान लें नरक चतुर्दशी पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
नरक चतुर्दशी का पर्व धनतेरस के अगले दिन और दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी को नरक चौदस, रूप चतुर्दशी और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को छोटी दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु का पूजन करने से रूप व सौंदर्य की प्राप्ति होती है। शाम के समय में यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भी समाप्त होता है। इस दिन माता काली का पूजन भी किया जाता है। इनके आशीर्वाद से शत्रु पर विजयी होने का आशीर्वाद मिलता है। जानते हैं इस साल नरक चतुर्दशी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।

नरक चतुर्दशी या रूप चौदस या काली चौदस 2021
काली चौदस का पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल यह पूजा 3 नवंबर 2021 को बुधवार के दिन होगी।

नरक चतुर्दशी 2021 का शुभ मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ - 3 नवंबर 2021 को 9 बजकर 2 मिनट से
चतुर्दशी तिथि का समापन - 4 नवंबर 2021 को 6 बजकर 03 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 33 मिनट से 02 बजकर 17 मिनट तक
पूजा पाठ के लिए ये समय सबसे उत्तम बताया गया है।

नरक चतुर्दशी के दिन होता है छ: देवी-देवताओं का पूजन
दीपावली से एक दिन पहले मनाये जाने वाले इस पर्व पर छ: देवी-देवताओं की पूजा करने का विधान है। इस दिन बजरंगबली का स्मरण किया जाता है। इनके साथ यम देव, भगवान श्रीकृष्ण, काली माता, महादेव और भगवान वामन की पूजा की जाती है।

नरक चतुर्दशी का महत्व
नरक चतुर्दशी की तिथि को नरक मुक्ति का पर्व भी कहा जाता है। इस दिन जो जातक यम देव की पूरे विधि-विधान से पूजा करता है उसे अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। नरक के कष्टों और यातनाओं से भी छुटकारा मिलता है। साथ ही सभी पापों का भी नाश होता है। शाम के समय में उनके नाम से दीप जलाया जाता है और चौखट के दोनों ओर रखा जाता है। इससे घर में सकारात्मकता का वास होता है।

रूप चौदस की पूजा से बढ़ेगा रूप-सौंदर्य
रूप चौदस के दिन स्नान करने से पहले तेल या उबटन लगाने की परंपरा है। ऐसा माना जाता कि इस दिन तेल अथवा उबटन से मालिश करके स्नान करने से जातक का सौंदर्य बढ़ता है। रूप में निखार आता है।



Click it and Unblock the Notifications
