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भगवान शिव के आभूषण हैं नाग, नागपंचमी पर 125 साल बाद बनेगा दुर्लभ संयोग
भगवान शिव का प्रिय महीना सावन चल रहा है। सावन का महीना हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए बहुत खास होता है। ऐसा माना जाता है कि इस महीने में भगवान शिव शिवलिंग में निवास करते हैं। सप्ताह के सोमवार शंकर भगवान को समर्पित माने गए हैं और सावन में इस दिन की मान्यता और बढ़ जाती है। सावन का महीना आते ही भारतीय त्योहारों का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। सावन में नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाता है।

नागपंचमी पर 125 साल बाद बनेगा दुर्लभ योग
इस बार नागपंचमी पर बहुत ही दुर्लभ योग बनने वाला है। 125 साल के बाद लोगों को ऐसा खास योग मिलने वाला है। 2019 के सावन माह के तीसरे सोमवार को नागपंचमी होगी। सावन का सोमवार होने के कारण नागपंचमी पर्व की महत्ता कई गुना बढ़ जाएगी। सावन माह में सोमवार के दिन नागपंचमी होना बहुत ही दुर्लभ होता है। इतना ही नहीं, इस संयोग से संजीवनी महायोग बनेगा। इस वर्ष सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी श्रावण माह के श्रेष्ठ मुहूर्त में पड़ रहे हैं। इस मौके पर पूर्णा तिथि होगी, साथ ही सोम का नक्षत्र हस्त भी मौजूद है। सिद्धि योग के साथ ये वर्ष की श्रेष्ठ पंचमी तिथि होगी।

नागदेव की पूजा
भगवान शिव अपने आभूषण के तौर पर नाग को धारण करते हैं। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग देव की पूजा करने की रिवायत है। नागपंचमी के दिन भगवान शिव की खास पूजा की जाती है और सावन का सोमवार होने की स्थिति में लोग उनका आशीर्वाद लेने शिवालय भी जाते हैं। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। कालसर्प दोष का पूजन करने के लिए भी बेहद शुभ योग होगा।

नाग पंचमी तिथि और शुभ मुहूर्त
इस साल पंचमी तिथि 4 अगस्त को शाम 6.48 बजे से प्रारंभ होगी और 5 अगस्त को दोपहर 2.52 बजे तक रहेगी। 5 अगस्त को नागपंचमी की पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:49 से 8:28 के बीच में रहेगा।



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