फुलेरा दूज पर होता है अबूझ मुहूर्त, किए जा सकते हैं हर मंगल कार्य

फुलेरा दूज का त्योहार भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। यह हार साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह फाल्गुन महीने का सबसे शुभ और धार्मिक दिन माना जाता है। इस साल फुलेरा दूज का पर्व 25 फरवरी, मंगलवार को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि फुलेरा दूज के मौके पर भगवान कृष्ण होली के त्योहार का हिस्सा बनते हैं और वो रंगबिरंग के फूलों से होली खेलते हैं। यह त्योहार लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और खुशियां लेकर आता है।

फुलेरा दूज मुहूर्त

फुलेरा दूज मुहूर्त

द्वितीया तिथि शुरू 24 फरवरी 2020 को 23:15 बजे से

द्वितीया तिथि समाप्त 26 फरवरी 2020 को 01:40 बजे तक

फुलेरा दूज पर होता है अबूझ मुहूर्त

फुलेरा दूज पर होता है अबूझ मुहूर्त

साल के सबसे शुभ दिनों में से एक फुलेरा दूज को भी माना जाता है। इस दिन किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है और इस वजह से इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन लोग कई मांगलिक कार्यों को पूरा करते हैं। घर-संपत्ति से जुड़ा कार्य करने के लिए ये दिन शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं, कई लोग अपने नए व्यापार की शुरुआत भी फुलेरा दूज की शुभ तिथि से करते हैं ताकि उन्हें समृद्धि मिल सके।

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त

आमतौर से हिंदू धर्म में शादी विवाह को एक बड़ा कर्म माना जाता है। विवाह से जुड़े हर कार्य के लिए शुभ मुहूर्त और तिथि को ध्यान में रखा जाता है। मगर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फुलेरा दूज के दिन हर एक क्षण शुभ होता है। इस दिन विवाह जैसा मंगल कार्य करने के लिए भी दिन बेहद उपयुक्त माना जाता है।

कैसे मनाते हैं फुलेरा दूज

कैसे मनाते हैं फुलेरा दूज

फुलेरा दूज के मौके पर लोग अपने घर में भगवान श्री कृष्ण और राधा की मूर्तियों को सजाते हैं और उनकी पूजा अर्चना करते हैं। इस दिन उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है जिससे होली खेली जाती है। इस दिन लोग अपने घरों में खूबसूरत रंगोली भी बनाते हैं।

फुलेरा दूज की धूम उत्तर भारत में ज्यादा देखी जाती है। इस दिन ब्रजभूमि और मथुरा के मंदिरों की खास सजावट की जाती है।

प्रसाद में बनता है पोहा

प्रसाद में बनता है पोहा

इस दिन खासतौर से प्रसाद के रूप में पोहा बनाया जाता है जिसमें विशेष प्रकार के सेव डाले जाते हैं।

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