Latest Updates
-
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला
Pitru Paksha 2022 : जल्द शुरू होनेवाला है पितृपक्ष, पितरों की मुक्ति के लिए जरूर करें ये काम

पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए नियमनुसार पिंडदान और तर्पण किया जाता है। कहते हैं पितृपक्ष में पूर्वजों का धरती पर आगमन होता है। यदि इस दौरान पूरी श्रद्धा के साथ पिंडदान और तर्पण किया जाता है तो इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने परिजनों को खुशहाल और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद देते हैं। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पितृपक्ष शुरू हो जाता है जो 15 दिनों तक चलता है। इस बार पितृपक्ष 10 सिंतबर को शुरू होकर 25 सितंबर को समाप्त होगा। इन दिनों कई ऐसे नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होता।
आइए जानते हैं श्राद्ध की सारी तिथियों के बारे में, साथ ही हम आपको पितृपक्ष का महत्व भी बताएंगे।

श्राद्ध की तिथियां
10 सितंबर, शनिवार, पूर्णिमा का श्राद्ध एवं तर्पण
11 सितंबर, रविवार, प्रतिपदा का श्राद्ध एवं तर्पण
12 सितम्बर, सोमवार, द्वितीया का श्राद्ध एवं तर्पण
13 सितंबर, मंगलवार, तृतीया का श्राद्ध एवं तर्पण
14 सितंबर, बुधवार, चतुर्थी का श्राद्ध एवं तर्पण
15 सितंबर, गुरुवार, पंचमी का श्राद्ध एवं तर्पण
16 सितंबर, शुक्रवार, षष्ठी का श्राद्ध एवं तर्पण
17 सितंबर, शनिवार, सप्तमी का श्राद्ध एवं तर्पण
18 सितंबर, रविवार, अष्टमी का श्राद्ध एवं तर्पण
19 सितंबर, सोमवार, नवमी का श्राद्ध एवं तर्पण
20 सितंबर, मंगलवार, दशमी का श्राद्ध एवं तर्पण
21 सितंबर, बुधवार, एकादशी का श्राद्ध तर्पण
22 सितंबर, गुरुवार, द्वादशी का श्राद्ध एवं तर्पण
23 सितंबर, शुक्रवार, त्रयोदशी का श्राद्ध एवं तर्पण
24 सितंबर, शनिवार, चतुर्दशी का श्राद्ध एवं तर्पण
25 सितंबर, रविवार, अमावस्या का श्राद्ध एवं तर्पण

पित्र पक्ष का महत्व
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बड़ा ही महत्व होता है। माना जाता है कि पितृपक्ष में पूरे 15 दिनों तक हमारे पूर्वज धरती पर हमारे आस पास ही रहते हैं। यदि इस दौरान नियमनुसार श्राद्ध कर्म किया जाए तो पितरों को मुक्ति मिलती है, साथ ही उनके आशीर्वाद से उनका पूरा परिवार सुखी रहता है।



Click it and Unblock the Notifications