Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी
Utpanna Ekadashi 2024: कब है नवंबर माह की अंतिम एकादशी, इस विधि से करें भगवान विष्णु का पूजन
Utpanna Ekadashi 2024 Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। हर महीने दो एकादशी होती हैं-एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में।
मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इस दिन उनकी पूजा-अर्चना से विशेष फल प्राप्त होता है।

उत्पन्ना एकादशी तिथि
2024 में उत्पन्ना एकादशी का व्रत 26 नवंबर, मंगलवार को रखा जाएगा।
उत्पन्ना एकादशी मंगलवार, नवम्बर 26, 2024 को
27वाँ नवम्बर को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय - 01:12 पी एम से 03:18 पी एम
पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 10:26 ए एम
एकादशी तिथि प्रारम्भ - नवम्बर 26, 2024 को 01:01 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त - नवम्बर 27, 2024 को 03:47 ए एम बजे
एकादशी का महत्व
सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है। एक वर्ष में कुल 24 एकादशी तिथियां होती हैं। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से मनोवांछित फल मिलता है। माना जाता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उत्पन्ना एकादशी पूजा विधि और सामग्री
उत्पन्ना एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किया जाता है। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करने से शुभ फल प्राप्त होता है। यहां सरल शब्दों में पूजा विधि और सामग्री की सूची दी गई है।
1. स्नान और संकल्प: प्रातः काल स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
2. मंदिर सजाएं: पूजा स्थान को साफ कर विष्णु भगवान की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
3. पूजा सामग्री: फूल, तुलसी के पत्ते, दीपक, धूप, चंदन, नारियल, और फल आदि चढ़ाएं।
4. मंत्र जाप: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
5. भोजन: व्रतधारी पूरे दिन फलाहार करें और तामसिक भोजन से परहेज करें।
6. कथा श्रवण: उत्पन्ना एकादशी की कथा सुनें और दूसरों को भी सुनाएं।
पूजा सामग्री सूची
- भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति
- तुलसी के पत्ते
- पुष्प, नारियल, सुपारी
- फल, मिष्ठान, पंचामृत
- घी, दीपक, धूप
- अक्षत (चावल) और चंदन
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications