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अनहोनी से बचना है? तो आज से ही जपना शुरू करें हनुमान जी के ये चमत्कारी नाम
Sankatmochan Chamatkari Jap: भारतीय संस्कृति में हनुमान जी को संकटमोचक और वीरता, शक्ति व बुद्धि के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उनका स्मरण मात्र ही आपको बड़े संकट से बाहर निकाल सकता है। यही कारण है कि हर मंगलवार और शनिवार को हजारों लोग हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या उनके पवित्र नामों का जप करते हैं।
आप जानते हैं कि क्यों मानी जाती है हनुमान जी की उपासना अनहोनी से रक्षा के लिए रामबाण? चलिए उनके नामों के साथ बताते हैं।

संकट मोचन स्वरूप:
हनुमान जी को 'संकटमोचन' कहा जाता है। तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा में लिखा है:
"संकट ते हनुमान छुड़ावै, मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।"
इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति हनुमान जी का नाम लेकर सच्चे मन से ध्यान करता है, वह हर तरह के संकट से बच सकता है।
नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा:
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि हनुमान जी का नाम जपने से नकारात्मक शक्तियां, भूत-प्रेत, नजर दोष और अनिष्ट टल जाता है।

मनोबल और साहस की वृद्धि:
उनका स्मरण व्यक्ति को आंतरिक शक्ति और साहस प्रदान करता है, जिससे वह विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोता।
हनुमान जी के नामों का विशेष महत्व होता है। आप यदि किसी विशेष संकट या अनहोनी की आशंका से घिरे हैं, तो निम्न नामों का जाप करें:
"रामदूताय नमः" - हनुमान जी को श्रीराम के दूत के रूप में याद करें।
"अंजनीसुताय नमः" - यह नाम उनके बाल रूप की शक्ति को जागृत करता है।
"संकटमोचन हनुमानाय नमः" - यह नाम विशेष रूप से अनहोनी या संकट से रक्षा के लिए प्रभावी माना गया है।
हनुमान जी की साधना कैसे करें?
सुबह या शाम को स्नान के बाद शुद्ध मन से जाप करें।
हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
हनुमान जी के मंदिर में जाकर लाल चोला, सिंदूर व गुड़-चना अर्पित करें।
संकट के समय "हनुमान जी का नाम" बार-बार लेने से मन शांत और स्थिति नियंत्रित रहती है।
विज्ञान भी करता है नाम जप का समर्थन
हाल की रिसर्च के अनुसार, किसी ईश्वर के नाम का उच्चारण करने से स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल में गिरावट आती है और शरीर में डोपामाइन बढ़ता है। इससे व्यक्ति मानसिक रूप से स्थिर रहता है और फैसले लेने की शक्ति मजबूत होती है।
कब करें हनुमान जी का नाम जाप?
मंगलवार और शनिवार को
किसी महत्वपूर्ण निर्णय या यात्रा से पहले
जब मन विचलित हो
जब अचानक विपत्ति सामने हो

विशेष मंत्र
"ॐ हं हनुमते नमः" - यह बीज मंत्र 108 बार जपने से विशेष संकट से राहत दिलाता है।
अनहोनी कोई भी क्षण में घट सकती है, लेकिन यदि मन और आत्मा मजबूत हों, तो कोई भी परिस्थिति इतनी बड़ी नहीं होती कि उससे पार न पाया जा सके। हनुमान जी का नाम वह ढाल है जो आपको हर संकट से सुरक्षित रखता है।



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