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भारत में प्रसिद्ध दुर्गा जी मंदिर
नवरात्री का मतलब होता है 9 दिनों का त्योहार। संस्कृति में नव का मतलब नौं और रात्री का मतलब रात होता है। नवरात्र में नौं दिनों का उपवास रखने का विधान है, जिससे हमारे शरीर में मौजूद मुख्य नौं छिद्रों (मुख, आंख, कान, नाक, लिंग और गुदा) को शुद्ध करने का अति शुभ समय है। इन नौं दिनों में दुर्गा मां की नौं शक्तियों की पूजा होती है। दसवे दिन दुर्गा जी की मूर्ती को गंगा नदी या फिर पास की किसी नदी में बहा कर विदा कर दिया जाता है। दसवे दिन को हम विजयदशमी या फिर दशहरा कहते हैं।
नवरात्र वर्ष में दो बार होते है। प्रथम बार चैत्र में एंव दूसरी बार आश्विन मास में। चैत्र के नवरात्र को वासन्तिक एंव आश्विन के नवरात्र को शारदीय कहते है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और फलाहार का सेवन करते हैं। नवरात्र का व्रत बड़ा ही पवित्र और फलदायी माना जाता है। यह व्रत रखने से मन तथा तन दोंनो को ही शांति मिलती है और हमारी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
आइये जानते हैं मां के कुछ प्रसिद्ध दुर्गा मंदिरों के बारे में-

वैष्णोदेवी मन्दिर
यह दुनियांभर में सबसे पंवित्र और प्रसिद्ध मंदिर है जो कि 5300 फिट की ऊंचाई वाली त्रिकुटा पर्वत, जम्मू और कशमीर में बसा हुआ है। यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है।

दुर्गा मंदिर
इसे मंकी टेंपल के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर बहुत सारे बंदरों का वास है जो हर आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ खेल-कूद कर के उनके हाथों से बिना भय के मूंगफलियां छीन लेते हैं। यह मंदिर उत्तर प्रदेश राज्य के वारानसी शहर में बसा हुआ है।

कारनी माता
600 साल पुराना राजस्थान में बसा करनी माता का मंदिर केवल चूहों से भरा हुआ है। इस मंदिर में चूहों की पूजा की जाती है।

कामाख्या मंदिर
कामाख्या मंदिर असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से ८ किलोमीटर दूर कामाख्या मे है। यह मंदिर शक्ति की देवी सती का मंदिर है जो कि तंत्र-मंत्र साधना के लिए विख्यात है।

चामुंडा देवी मंदिर
चामुण्डा देवी मंदिर शक्ति के 51 शक्ति पीठो में से एक है। मान्यता है कि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। चामुण्डा देवी मंदिर बंकर नदी के किनारे पर बसा हुआ है। पर्यटको के लिए यह एक पिकनिक स्पॉट भी है।

मंसा देवी मंदिर
मंसा देवी मंदिर, हरिद्वार की शिवालिक पहाडी़ पर बसा हुआ है। यहां पर आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी हो जाती है।



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