Latest Updates
-
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं
Aditya L 1: कितनी दूरी से आदित्य एल 1 करेगा सूर्य का अध्ययन, और कितने देशों ने भेजे हैं ऐसे अभियान
Aditya L 1: चंद्रयान 3 की सफलता द्वारा खुद को एक एक स्पेस पॉवर के रूप में स्थापित करने के बाद भारत अब अब एक जटिल अंतरिक्ष अभियान को अंजाम देने जा रहा है।
जी हां ये अंतरिक्ष अभियान है आदित्य एल 1, ये सूर्य का अध्ययन करने के उद्देश्य से भेजा जाने वाला भारत का पहला अभियान होगा। इसमें सूर्य के बाहरी आवरण का अध्ययन करके महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जायेंगी जिससे सूर्य को वैज्ञानिक रूप से समझने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें की आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करने वाला विश्व का पहला अंतरिक्ष मिशन नहीं है बल्कि इसके पहले भी ऐसे कई मिशन के तहत अंतरिक्ष यान भेजे जा चुके हैं।
सूर्य के अध्ययन के लिए अमेरिका, जर्मनी और यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा अब तक 22 मिशन भेजे जा चुके हैं। सबसे अधिक बार अमेरिका स्थित नासा ने मिशन भेजे हैं। नासा ने अब तक 14 बार ऐसे मिशन भेजे हैं। 1994 में यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने नासा के साथ मिलकर एक स्पेस मिशन भेजा था। फिर 2001 में नासा ने सूर्य के पास सौर हवाओं का अध्ययन करने के लिए एक स्पेस मिशन भेजा था जिसे जेनेसिस कहा गया था।
कहां तक जायेगा आदित्य एल 1?
सूर्य कल्पना से अधिक गर्म है। उसके करीब तक पहुंचने लायक यान बनाने पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। लेकिन पृथ्वी और सूर्य के बीच ऐसे कई पॉइंट्स चिन्हित कर लिए गए हैं जहां स्पेस यान को भेजा जा सकता है और वहां से सूर्य के बाहरी आवरण का अध्ययन किया जा सकता है।
आदित्य एल 1 ऐसे ही एक पॉइंट पर जाकर वहां से सूर्य किरणों और हवाओं का अध्ययन करेगा। इस पॉइंट को एल 1 पॉइंट् कहा जाता है जो करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। इस पॉइंट से सूर्य की दूरी करीब 14 करोड़ 85 लाख किलोमीटर है। इससे आपको अंदाजा हो गया होगा कि आदित्य एल 1 सिर्फ लगभग 1 प्रतिशत दूरी ही तय करेगा और वहीं से अध्ययन करेगा। आदित्य एल 1 पॉइंट एक ऐसा पॉइंट है जहां से सूर्य ग्रहण हो तब भी यान सूर्य को पूरी तरह देख पायेगा। सूर्य की बाहरी सतह यानी कोरोना का अध्ययन करने के लिए यान के पास कोरोना की भौतिकी और ताप तंत्र से सम्बंधित जानकारियां इकट्ठी की जायेगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications