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Rajasthan: पत्नी के प्रेग्नेंट होते ही यहां पति कर लेता है दूसरी शादी, जानें इस अनोखी परंपरा की वजह
Ajab Gajab Tradition in Rajasthan: राजस्थान के बाड़मेर जिले के देरासर गांव में एक अनोखी परंपरा प्रचलित है, जिसमें पत्नी के गर्भवती होने पर पति दूसरी शादी कर लेते हैं। यह परंपरा भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप स्थित इस गांव में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। गांववाले मानते हैं कि अगर पत्नी गर्भवती हो और पति दूसरी शादी न करे, तो नवजात शिशु की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
साथ ही, गांव में यह विश्वास भी है कि पति की दूसरी शादी से परिवार की खुशहाली बनी रहती है। हालांकि, इस परंपरा को लेकर बाहरी समाज में काफी चर्चा होती है, लेकिन यह अभी भी कुछ गांवों में निभाई जाती है।

दोनों पत्नियां एक ही घर में रहती हैं
बाड़मेर के देरासर गांव में एक सदियों पुरानी परंपरा है, जिसमें शादी के बाद यदि पत्नी गर्भवती होती है, तो पति दूसरी शादी कर लेता है। इस परंपरा के अनुसार, दोनों पत्नियां एक ही घर में मिलकर रहती हैं, और इससे परिवार या पहली पत्नी को कोई समस्या नहीं होती।
इस वजह से मर्द करते हैं दूसरी शादी
बाड़मेर जिले के मरुस्थली इलाके में पानी की कमी एक बड़ी समस्या है, खासकर गर्मियों में। यहां के गांवों में महिलाएं दूर-दूर से पानी लाने का काम करती हैं। जब पत्नी गर्भवती होती है, तो पानी लाने में कठिनाई होती है, इसलिए पति दूसरी शादी कर लेता है। दूसरी पत्नी का मुख्य कार्य पानी लाना होता है, जबकि पहली पत्नी घर के अन्य काम करती है। इस तरह, पहली पत्नी को आराम मिलता है और घर में पानी की किल्लत भी नहीं होती, जिससे परंपरा की शुरुआत हुई।
दो शादियां करनी की एक ये भी है वजह
देरासर गांव में 70 मुस्लिम परिवार हैं, जिनमें से अधिकांश के पास दो बीवियां हैं। यहां के लोग मानते हैं कि पहली शादी से किसी को संतान नहीं होती, इसलिए दूसरी शादी की जाती है। यह परंपरा शौकिया नहीं, बल्कि एक धार्मिक मान्यता के तहत होती है। गांववाले मानते हैं कि दूसरी पत्नी से ही संतान सुख मिलता है और इसे खुदा की मर्जी माना जाता है। इस परंपरा के कारण अधिकांश पुरुष दूसरी शादी करते हैं। कुछ परिवारों ने इस परंपरा को नकारते हुए एक पत्नी के साथ ही जीवन बिताया, लेकिन उनके यहां बच्चे नहीं हुए। इस कारण अधिकांश पुरुष दूसरी शादी करते हैं, ताकि संतान सुख प्राप्त किया जा सके।
बेटे की चाह में भी करती हैं ऐसा
देरासर गांव के पुरुष अपनी पहली पत्नी से संतान न होने या लड़की जन्म देने पर ही दूसरी शादी करते हैं। गांववालों का विश्वास है कि दूसरी पत्नी लड़के को ही जन्म देगी। बुजुर्गों का कहना है कि यह खुदा की मेहर है और इसमें कोई गुनाह नहीं, इसलिए पुरुष आराम से दूसरी शादी कर लेते हैं।



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