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Eid-Ul- Fitr: ईद उल-फितर के दिन हर मुसलमान को करने होते हैं ये सारे काम
रमजान के पाक महीने के बाद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद सेलिब्रेट किया जाता है। इस त्योहार को मनाने का मकसद ये है कि पूरे महीने अल्लाह पाक की इबादत की जाती है, रोजे रखे जाते हैं, अपने गुनाहों की माफी मांगी जाती है, साथ ही रोजे रखने की हिम्मत देने के लिए अल्लाह पाक का शुक्रिया अदा किया जाता है। इस फेस्टिवल को हर मुस्लिम को खासा इंतजार रहता है, क्योंकि ये काफी जोश और खरोश के साथ सेलिब्रेट की जाती है। इसलिए रमजान के आखिरी दिनों में ईद के लिए तैयारियां अपने पूरे जोश में होती हैं।
ईद पर दुनियाभर के मुसलमान घर पर दावते देते हैं। अलग-अलग तरह की खाने की डिशेज बनाई जाती है। बेहतरीन कपड़े पहने जाते हैं। ईद पर नये कपड़े और साफ कपड़े पहनना सुन्नत है। इसके अलावा भी कई ऐसे काम हैं जो ईद के दिन करने जरूरी होते हैं। आइये जानते हैं उन कामों के बारें में, जिसे हर मुस्लिम को करना जरूरी होता है-

खुद को पाक करना जरूरी
ईद के दिन नहाना जरूरी होता है, गुस्ल करना महिला और पुरूष दोनों के लिए जरूरी है, ये सुन्नत है। अगर बॉडी नापाक होगा तो ईद की नमाज आप नहीं पढ़ सकते हैं। जरूरी नहीं है कि नए कपड़े ही पहना जाए, कपड़ो का साफ होना ज्यादा जरूरी होता है। साथ गी इत्र लगाना भी सुन्नत है।
ईद की नमाज़
ईद के दिन सबसे अहम होती है ईद की नमाज, ईद की नमाज मस्जिद में जाकर ही जमात के साथ पढ़ी जाती है। मुस्लिम औरते ईद की नमाज घर पर ही अदा कर सकत हैं। औरते घ पर 2 रकात नमाज पढ़ें।

खजूर खाकर बाहर निकलना
ईद पर जब नमाज के लिए निकलते हैं तो खजूर खाना निकलना जरूरी होता है, खजूर खाना सुन्नत है। कई सारी हदीस में है कि घर से बाहर निकलने से पहले कुछ मीठा खाएं, जिसमें खजूर बताया गया है। इस सुन्नत को ईद की नमाज से पहले पूरा किया जाता है।
फितरा दें
जस तरह से जकात फर्ज है वैसे ही फितरा देना भी फर्ज है, जो ईद की नमाज होने से पहले-पहले तक दे देना चाहिए। ये बहुत जरूरी होता है। फितरा हर मुसलमान को ईद की नमाज से पहले देना कंपल्सरी है। आपको बता दें कि 1 किलो 633 ग्राम गेहूं या 1 किलो गेहूं की कीमत के हिसाब से पैसा किसी गरीब को देना, फितरा कहलाता है। ये एक तरह का दान होना है। जो आर्थिक रूप से मजबूत है उनको देना फर्ज होता है। 1 किलो 633 ग्राम गेहूं की कीमत मार्केट की करंट वैल्यू के हिसाब से देनी होती है।



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