Latest Updates
-
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप -
Thalapathy Vijay Family Tree: क्या है थलापति विजय का असली नाम? जानें उनकी पत्नी, बच्चों और फैमिली के बारे में -
Birthday Wishes For Bhai: मेरी ताकत और बेस्ट फ्रेंड हो तुम, भाई के बर्थडे पर बहन की ओर से ये अनमोल संदेश -
Pulmonary Hypertension: क्या होता है पल्मोनरी हाइपरटेंशन? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज -
PM Modi के 'अंग, बंग और कलिंग' उद्घोष का क्या है अर्थ? जानें कर्ण की धरती से अशोक के शौर्य तक की पूरी कहानी -
आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में आम खाने के पहले जरूर करें ये काम, नहीं होगी शुगर-मोटापा और पिंपल्स की समस्या -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए लीची, वरना स्वाद सेहत पर पड़ जाएगा भारी -
बच्चों को ऑटिज्म का शिकार बना रही मोबाइल फोन की लत, AIIMS की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा -
क्या Thalapathy Vijay दोहरा पाएंगे MGR व जयललिता का इतिहास? वो 4 सितारे जो बने तमिलनाडु के CM
Eid-Ul- Fitr: ईद उल-फितर के दिन हर मुसलमान को करने होते हैं ये सारे काम
रमजान के पाक महीने के बाद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद सेलिब्रेट किया जाता है। इस त्योहार को मनाने का मकसद ये है कि पूरे महीने अल्लाह पाक की इबादत की जाती है, रोजे रखे जाते हैं, अपने गुनाहों की माफी मांगी जाती है, साथ ही रोजे रखने की हिम्मत देने के लिए अल्लाह पाक का शुक्रिया अदा किया जाता है। इस फेस्टिवल को हर मुस्लिम को खासा इंतजार रहता है, क्योंकि ये काफी जोश और खरोश के साथ सेलिब्रेट की जाती है। इसलिए रमजान के आखिरी दिनों में ईद के लिए तैयारियां अपने पूरे जोश में होती हैं।
ईद पर दुनियाभर के मुसलमान घर पर दावते देते हैं। अलग-अलग तरह की खाने की डिशेज बनाई जाती है। बेहतरीन कपड़े पहने जाते हैं। ईद पर नये कपड़े और साफ कपड़े पहनना सुन्नत है। इसके अलावा भी कई ऐसे काम हैं जो ईद के दिन करने जरूरी होते हैं। आइये जानते हैं उन कामों के बारें में, जिसे हर मुस्लिम को करना जरूरी होता है-

खुद को पाक करना जरूरी
ईद के दिन नहाना जरूरी होता है, गुस्ल करना महिला और पुरूष दोनों के लिए जरूरी है, ये सुन्नत है। अगर बॉडी नापाक होगा तो ईद की नमाज आप नहीं पढ़ सकते हैं। जरूरी नहीं है कि नए कपड़े ही पहना जाए, कपड़ो का साफ होना ज्यादा जरूरी होता है। साथ गी इत्र लगाना भी सुन्नत है।
ईद की नमाज़
ईद के दिन सबसे अहम होती है ईद की नमाज, ईद की नमाज मस्जिद में जाकर ही जमात के साथ पढ़ी जाती है। मुस्लिम औरते ईद की नमाज घर पर ही अदा कर सकत हैं। औरते घ पर 2 रकात नमाज पढ़ें।

खजूर खाकर बाहर निकलना
ईद पर जब नमाज के लिए निकलते हैं तो खजूर खाना निकलना जरूरी होता है, खजूर खाना सुन्नत है। कई सारी हदीस में है कि घर से बाहर निकलने से पहले कुछ मीठा खाएं, जिसमें खजूर बताया गया है। इस सुन्नत को ईद की नमाज से पहले पूरा किया जाता है।
फितरा दें
जस तरह से जकात फर्ज है वैसे ही फितरा देना भी फर्ज है, जो ईद की नमाज होने से पहले-पहले तक दे देना चाहिए। ये बहुत जरूरी होता है। फितरा हर मुसलमान को ईद की नमाज से पहले देना कंपल्सरी है। आपको बता दें कि 1 किलो 633 ग्राम गेहूं या 1 किलो गेहूं की कीमत के हिसाब से पैसा किसी गरीब को देना, फितरा कहलाता है। ये एक तरह का दान होना है। जो आर्थिक रूप से मजबूत है उनको देना फर्ज होता है। 1 किलो 633 ग्राम गेहूं की कीमत मार्केट की करंट वैल्यू के हिसाब से देनी होती है।



Click it and Unblock the Notifications