Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार'

Halloween 2026: हर साल 31 अक्टूबर को हैलोवीन मनाया जाता है। यह एक ऐसा त्योहार है, जो अपने अलग अंदाज के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इस दिन लोग भूत, चुड़ैल, वैम्पायर और दूसरे डरावने किरदारों की तरह तैयार होते हैं। साथ ही अपने घरों को कद्दू, कंकाल, मकड़ी के जाल और दूसरी डरावनी सजावट से सजाकर हैलोवीन पार्टी का आनंद लेते हैं। बच्चों के लिए हैलोवीन का सबसे मजेदार हिस्सा 'ट्रिक ऑर ट्रीट' होता है। इसमें बच्चे अलग-अलग कॉस्ट्यूम पहनकर घर-घर जाते हैं और कैंडी या चॉकलेट मांगते हैं। पहले यह त्योहार पश्चिमी देशों तक ही सीमित था, लेकिन अब धीरे-धीरे यह भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस त्योहार पर लोग डरावना रूप क्यों बनाते हैं और इसकी शुरुआत कहां से हुई? आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Halloween

कब मनाया जाता है हैलोवीन?

हैलोवीन हर साल अक्टूबर के आखिरी दिन मनाया जाता है। अमेरिका और यूरोप में लोग इसे अपने पूर्वजों की याद में मनाते हैं। साल 2026 में यह त्योहार शनिवार, 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हैलोवीन का इतिहास करीब 2000 साल या उससे भी ज्यादा पुराना माना जाता है। हजारों साल पहले उत्तरी यूरोप में रहने वाले सेल्टिक समुदाय के लोग 'ऑल सेंट्स डे' नाम से एक खास त्योहार मनाते थे। अब इसी परंपरा को हैलोवीन ईव के नाम से जाना जाता है।

कैसे हुई थी हैलोवीन की शुरुआत?

हैलोवीन की शुरुआत आयरलैंड और स्कॉटलैंड से मानी जाती है। ईसाई समुदाय के कुछ लोगों का विश्वास है कि इस दिन भूतों जैसा रूप धारण करने से पूर्वजों की आत्माओं को शांति मिलती है। सेल्टिक कैलेंडर में 31 अक्टूबर को साल का आखिरी दिन माना जाता था। इसी दिन हैलोवीन मनाने की परंपरा जुड़ी हुई है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप के कई देशों में इसे नए साल की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है।

हैलोवीन का कद्दू से क्या है कनेक्शन?

हैलोवीन के मौके पर लोग कद्दू को अंदर से खोखला करके उस पर डरावना चेहरा बनाते हैं। इसके भीतर जलती हुई मोमबत्ती रखी जाती है, जिससे अंधेरे में उसका चेहरा डरावना दिखाई देता है। इस तरह तैयार किए गए कद्दू को हैलोवीन लालटेन कहा जाता है। कई देशों में लोग हैलोवीन के दौरान अपने घरों के बाहर ऐसी लालटेन रखते हैं। अंधेरी गलियों में भी इन्हें लगाया जाता है। घर के बाहर रखा कद्दू पूर्वजों का प्रतीक माना जाता है। त्योहार खत्म होने के बाद इस कद्दू को दफना दिया जाता है।

हैलोवीन पर डरावनी ड्रेस क्यों पहनते हैं लोग?

हैलोवीन पर लोग अलग-अलग तरह की डरावनी ड्रेस, मास्क और मेकअप करते हैं। माना जाता है कि बहुत पहले किसानों का विश्वास था कि फसल के मौसम में भूत-प्रेत और बुरी आत्माएं धरती पर आ सकती हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए लोग उन्हें डराने या उनसे बचने के लिए डरावने कपड़े पहनते थे। समय के साथ यह परंपरा हैलोवीन का एक खास हिस्सा बन गई। हालांकि, इसकी शुरुआत और इन ड्रेस से जुड़ी कई अलग-अलग कहानियां भी प्रचलित हैं।

कैसे शुरू हुई ट्रिक और ट्रीट की परंपरा?

हैलोवीन से जुड़ी ट्रिक और ट्रीट की परंपरा की शुरुआत केल्टिक लोगों से मानी जाती है। बताया जाता है कि वे अपने घरों के बाहर खाने-पीने की चीजें रखकर आत्माओं को बुलाते थे। समय के साथ इस परंपरा का तरीका बदल गया। आज अमेरिका में हैलोवीन की शाम बच्चे पड़ोसियों के घर जाते हैं और 'ट्रिक और ट्रीट' कहते हैं। इसके जवाब में पड़ोसी उन्हें चॉकलेट और दूसरी खाने की चीजें देते हैं। हैलोवीन से जुड़ी कुछ मान्यताएं भी प्रचलित हैं। अमेरिका में इस दिन काली बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ माना जाता है। वहीं, कुछ लोग हैलोवीन की परंपरा को रोम के पोमोना त्योहार से भी जोड़ते हैं। इस त्योहार में रोम की देवी पोमोना की पूजा की जाती थी।

Story first published: Saturday, October 31, 2026, 9:30 [IST]
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