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100 सालों से संभालकर रखी है लेनिन की डेड बॉडी, इस खास टेक्निक ने सालों नहीं सड़ती है लाश
Vladimir Lenin Death Body : सोवियत संघ के संस्थापक और रूस के महान नेता व्लादीमीर लेनिन जिन्हें बोल्शेविक क्रांति के जनक के रुप में भी जाना जाता है। आज ही के दिन 22 अप्रैल 1870 को उनका जन्म हुआ था। लेनिन को मरे हुए 100 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन आज भी लेनिन की डेड बॉडी रूस की राजधानी मॉस्को में सुरक्षित रखी गई है।
आपको जानकर तार्जुब होगा कि बीते सालों में उनका शव पहले से ज्यादा तरोताजा नजर आता है। उनके शव के देखकर यह अंदाजा लगा पाना मुश्किल है कि लेनिन को मरे हुए 100 साल का समय हो चुका है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों आज तक लेनिन की डेड बॉडी को नहीं दफनाया गया और कैसे इतने सालों से उनके शव को संरक्षित किया जा रहा है?

कैसे हुई लेनिन की मुत्यु?
1918 में लेनिन पर जानलेवा हमला हुआ जिसमें वह बाल-बाल बचे थे। हालांकि इस हमले में वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसका असर उनकी सेहत पर बहुत गहरा पड़ा। 1922 में सोवियत संघ के गठन के साल ही उन्हें जबरदस्त स्ट्रोक का सामना करना पड़ा। बाद के जीवन में लेनिन के आधे शरीर ने लकवे के चलते काम करना बंद कर दिया। जिस वजह से वो आसानी से बोल भी नहीं पाते थे। 21 जनवरी 1924 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
लेनिन के शव को क्यों संरक्षित रखा गया?
मौत के दो दिन बाद लेनिन के शव को खास ट्रेन से गोर्की से मॉस्को लाया गया। वहां के रेड स्क्वायर पर लकड़ी का एक अस्थायी ढांचा बनाकर उस पर ताबूत जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। बताया जाता है कि लेनिन की मुत्यु के दो महीने बाद भी लाखों की भीड़ श्रद्धांजलि देने पहुंच रही थी।
रुस की भीषण सर्दी में भी लाखों लोग ठिठुरते अंतिम विदाई देने पहुंच रहे थे। हालात ये हो गए कि लेनिन को श्रद्धांजलि देने वालों की लाइन खत्म ही नहीं हो रही थी। ऐसे हालात को देखते हुए सोवियत संघ के तत्कालीन नेताओं ने फैसला किया कि कुछ समय के लिए लेनिन के पार्थिव शरीर को संरक्षित कर दिया जाए, जिससे लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें।

एक खास तरह का लगाया जाता है लेप?
जानकारी के मुताबिक मास्को के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स के पांच से छह वैज्ञानिकों का ग्रुप है, जो लेनिन के शव को विक्षत होने से बचाने का काम करता है। वह बॉयो केमिकल तरीके से लेनिन के शव को ताजा बनाए रखने पर काम करता है
हर साल लेनिन के शरीर पर एक बार लेप लगाया जाता है। इसकी पूरी प्रक्रिया 15 से 30 दिनों तक चलती है। इससे शव साल भर सुरक्षित रहता है। साथ ही लेनिन के शव को बेहद बारीक रबर का सूट पहनाया जाता है। इसे फंगस से बचाने के लिए समय-समय पर बदला जाता है।
कहां रखा गया है लेनिन का शव?
जिस जगह लेनिन का शव रखा गया है, उसे लेनिन म्युजोलियम कहा जाता है। ये जगह मास्को के रेड स्क्वायर पर है। ये वो ही जगह है जहां पहली बार लेनिन के शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। यहां उनके शव को मंद रोशनी वाले क्रिस्टल ताबूत में रखा हुआ है।



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