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India's new Parliament building: मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस विशेषताएं जो बनाती हैं सेंट्रल विस्टा को खास
भारत को 28 मई को नया संसद भवन मिलने वाला है। भारतीय लोकतंत्र प्रतीक संसद भवन को नई बिल्डिंग मिलने वाली है। अगर हम बात करें अभी तक मूल संसद भावन की तो भारतीय लोकतंत्र का सबसे अहम प्रतीक बने संसद भवन को हरबर्ट बेकर के द्वारा डिजाइन किया गया था। बेकर ने नई दिल्ली के चीफ टाउन प्लानर एडवर्ड लुटियंस की एडवाइज के बाद संसद भवन का डिजाइन बनाया था। मूल संसद भवन का निर्माण 1927 में पूरा हुआ था।

नए प्रतीक की प्रमुख विशेषताओं पर नजर डालते हैं।
India's new Parliament building- नये संसद भावन के लिए लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसके बाद देश के प्रधानमंत्र के द्वारा 10 दिसंबर, 2020 को नए संसद भवन के लिए शिलान्यास किया गया।
नए संसद भवन में अब लोकसभा में 888 सदस्य और राज्यसभा में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। वहीं पुराने संसद भावन में लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 250 सदस्यों के लिए स्थान था।

नए भवन के बारे में जानने योग्य मुख्य बातें:
-नए भवन में सेंट्रल हॉल का विशाल वृत्ताकार ढांचा है।
-केंद्रीय कक्ष के गुंबद का व्यास 98 फुट तथा इसकी ऊँचाई 118 फुट है। जो इसे विश्व की शानदार गुबंदों में से एक बनाता है।
-लोक सभा तथा राज्य सभा के सचिवालयों के ऑफिस और संसदीय कार्य मंत्रालय का ऑफिस भी यहीं हैं।
-संसद भवन के गलियारे की बाहरी दीवार को कई डिजाइन्स के मूरल्स से सजाया गया है। इन मूरल्स में प्राचीन काल से लेकर दूसरे देशों के साथ भारत के संबंधों के बारें में प्रदर्शित किया गया है।
-नया लोकसभा चैंबर भारत के राष्ट्रीय की समानता के तर्ज पर बनाया गया है।
-राष्ट्रपति भवन, सरकार का आधिकारिक दस्तावेज कहता है।
नए भवन में छह समिति कक्ष हैं, वर्तमान भवन में तीन कमरे हैं।
-मंत्रिपरिषद के उपयोग के लिए 92 कमरे होंगे।
-प्रत्येक सीट डिजिटल सिस्टम से लैस होगी और टच स्क्रीन होगी।

नये संसद भवन की लाइब्रेरी
-संसद भवन में देश को एक बेस्ट लाइब्रेरी मिल रही है। जहां पर सांसद सदन में होने वाली बहसों से पहले पढ़ लिख कर भाग लें।
-दस एकड़ में बनी लाइब्रेरी दिल्ली के मौसम को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
-लाइब्रेरी का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से हुआ है। इसमें 15 लाख से अधिक पुस्तकें हैं।



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