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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो होंगे 26 जनवरी के चीफ गेस्ट, जानें मुख्य अतिथि चुनने की प्रक्रिया
Republic Day 2025 : इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो होंगे, जो 25 और 26 जनवरी को भारत में मौजूद रहेंगे। भारत में 26 जनवरी को मुख्य अतिथि आमंत्रित करने की परंपरा 1950 में शुरू हुई थी। मुख्य अतिथि का चयन भारत की विदेश नीति, द्विपक्षीय संबंधों, और वैश्विक रणनीतिक महत्व के आधार पर किया जाता है। यह मेहमान देश के साथ सहयोग को बढ़ाने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक होता है।
सुबियांतो की भारत यात्रा को कई मायनों में खास माना जा रहा है। उनकी यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे में सवाल है, भारत चीफ गेस्ट का चुनाव कैसे करता है?

विदेशी मेहमानों की क्या होती है भूमिका?
किसी विदेशी नेता को भारत का गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट बनाना उनके लिए सर्वोच्च सम्मान है। वे सभी सेरेमनी में मौजूद रहते हैं, उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है और राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर मिलता है। राष्ट्रपति उनके सम्मान में विशेष रिसेप्शन आयोजित करते हैं। चीफ गेस्ट राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को राजघाट पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत कई नेता उनसे मुलाकात करते हैं। इस सम्मान के लिए किसी वर्ल्ड लीडर का चयन एक लंबी प्रक्रिया के बाद होता है, जो इस भूमिका को और भी खास बनाता है।
गणतंत्र दिवस के लिए चीफ गेस्ट चुनने की प्रक्रिया क्या है?
गणतंत्र दिवस के लिए चीफ गेस्ट चुनने की प्रक्रिया आयोजन से 6 महीने पहले शुरू होती है। इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। भारत के पूर्व एंबेसडर मानबीर सिंह के अनुसार, चीफ गेस्ट का चयन करते समय भारत और उस देश के बीच संबंधों का विश्लेषण किया जाता है। विशेष रूप से, उस देश की सेना, राजनीति, और अर्थव्यवस्था के साथ भारत का कनेक्शन कैसा है, यह महत्वपूर्ण होता है।
इन सभी बिंदुओं पर गंभीर विचार करने के बाद ही नाम तय होता है। अंततः विदेश मंत्रालय इस निर्णय पर अपनी मुहर लगाता है। इस चयन प्रक्रिया को बेहद खास और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।



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