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Karnataka Election 2023 : कैसे की जाती है वोटों की गिनती, मतगणना का पूरा प्रोसेस जानें यहां
Karnataka Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव की वोट काउंटिंग में कुछ ही घंटे बाकी है। मतदान के बाद अब 13 मई को वोटों की गिनती शुरू होगी, उसके बाद कर्नाटक को मिलेगा नया मुख्यमंत्री। लेकिन इससे पहले आपको ये जानना जरुरी हैं कि वोट काउंटिंग को अंजाम कैसे दिया जाता है और इसकी पूरी प्रक्रिया।
मतगणना या वोट काउंटिंग की एक खास प्रक्रिया होती है। हर जिले पर एक बड़ा मतगणना केंद्र होता है, जहां ईवीएम के जरिए वोटों की काउंटिंग होती है। वोटों की गणना के दौरान चुनाव आयोग की खास नजर रहती है कि ताकि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की गलती न हो सकें।
वोटों की गिनती शुरू होते ही कुछ देर में रुझान मिलने लगेंगे। दोपहर होते होते तक काफी हद तक तस्वीर साफ हो जाएगी।

कैसे होती है मतों की गिनती-
- मतों की गिनती 13 मई को सवेरे 8 बजे से ही शुरू होगी।
- इससे पहले रिटर्निंग ऑफिसर और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर मतों की गोपनीयता बनाए रखने की शपथ लेंगे। वे इस शपथ को वोटों की गिनती शुरू होने से पहले जोर-जोर से बोलकर पढ़ेंगे।
- वोटिंग शुरू होने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में सारी EVM मशीनों की जांच की जाएगी।
- वोटों की गिनती अलग-अलग राउंड्स में होती है। गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होती है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिने जाते हैं। आधे घंटे बाद EVM के वोटों की गिनती शुरु होती है।
- EVM के वोटों की गिनती अलग-अलग राउंड्स में होती है। हर राउंड में 14 EVM के वोट गिने जाते हैं।
- काउंटिंग हॉल में एक ब्लैकबोर्ड भी होता है, जिसमें हर राउंड के बाद हर प्रत्याशी को कितने वोट मिले, ये लिखा जाता है। फिर लाउडस्पीकर से घोषणा की जाती है। इसे ही रुझान कहा जाता है।
- काउंटिंग हॉल में मोबाइल या कैमरा ले जाने की सख्त मनाही होती है, सिर्फ ऑफिशियल कैमरे से ही वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है।

गड़बड़ होने पर क्या होता है?
मतों की गिनती के दौरान EVM के क्षतिग्रस्त होने या VVPAT पर्चियों में किसी भी गड़बड़ी के पाए जाने पर चुनाव की देखरेख कर रहा रिटर्निंग अफसर, तुरंत इस बात की सूचना चुनाव आयोग को देगा। कोई भी गलती होने पर चुनाव आयोग मामले का अध्ययन करता है। अगर गलती बड़ी नहीं होगी, तो वोटिंग प्रक्रिया को जारी रखा जाता है। और अगर कोई गंभीर गलती सामने आती है, तो चुनाव आयोग, चुनाव को खारिज करके फिर से चुनाव कराने के आदेश देगा।
कैसे होता है नतीजा घोषित
बिना किसी गड़बड़ी, शिकायत और चुनाव आयोग के निर्देश के बिना ही काउंटिंग पूरी हो जाती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर ही मतों की गिनती के पूरा होने पर नतीजे घोषित कर देगा।



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