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Karnataka Elections 2023 : सेक्शन 144 क्या है और ये कब और क्यों लगाई जाती है? जानिए यहां डिटेल में
Karnataka Elections 2023: बेंगलुरु में पूरे जिले में मतगणना और चुनाव के परिणाम आने तक शनिवार सुबह छह बजे से रविवार रात 12 बजे तक धारा 144 लागू रहेगी।
अक्सर विधान सभा, लोक सभा या पंचायत चुनाव हों या फिर कैसे भी चुनाव हों, तो अराजकता और हिंसा न भड़के इसलिए धारा-144 लागू की जाती है। इस धारा में एक जगह पर दो से तीन ज्यादा लोगों का झुंड बनाने पर रोक लगा दी जाती है। आइए जानते हैं इस चुनावी माहौल में कि क्या है धारा 144 और इसे कब और कैसे इसे लागू किया जाता है।

क्या है धारा 144 और कब लगाई जाती है?
- सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लगाई जाती है। किसी तरह के सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो।
- इस सेक्शन को लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है।
-सेक्शन 144 जहां लगाया जाता है, उस इलाके में 5 या उससे ज्यादा आदमी एक साथ जमा नहीं हो सकते।
- सेक्शन 144 लगने के बाद जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवाओं को बंद किया जा सकता है।
- इलाके में हथियारों के ले जाने पर भी पाबंदी होती है।
धारा 144 का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान
गैरकानूनी तरीके से इकट्ठे होने पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंगे में शामिल होने के लिए मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम 3 साल कैद की सजा हो सकती है।
सेक्शन 144 और कर्फ्यू के बीच ये है अंतर
कई लोग सेक्शन 144 और कर्फ्यू को एक ही समझ बैठते हैं। कर्फ्यू बहुत ही संवेदनशील हालातों में लगाया जाता है। उस स्थिति में आपको घरों के अंदर रहने का निर्देश मिलता है। अधिकारी कुछ निश्चित समय के लिए कर्फ्यू लगा सकते हैं। स्थितियां नाजुक होने पर यह अवधि बढ़ा भी सकते हैं।
यदि आप कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलना चाहते हैं, तो आपको स्थानीय पुलिस से अनुमति लेनी होती है।
कर्फ्यू के दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही चालू रखने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान ट्रैफिक पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहती है।



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