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Lok Sabha Chunav 2024 : आपको मालूम है चुनाव के दौरान जब्त होने वाला शराब और लाखों-करोड़ों रुपए कहां जाते है?
Lok Sabha Chunav 2024 : देशभर में आम चुनाव की तारीखों का भी ऐलान होते ही आचार संहिता लागू हो चुकी है। चुनावों में मतदात्ताओं पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और वोटर्स को लुभाने के लिए अवैध रुप से खुलकर पैसों और शराब की बरसात होती है।
चुनावी माहौल में पैसा और शराब बांटने की खबरें आम हैं। जब भी चुनाव होते हैं तो पैसा और शराब जब्त होने की खबरें मिलती रहती है। हाल ही में राजस्थान में चुनाव से पहले अब तक 244 करोड़ रुपये कैश जब्त हो चुका है। इसके अलावा कर्नाटक से भी पौने 6 करोड़ कैश और 21 करोड़ से ज्यादा कीमत की अवैध शराब जब्त की गई थी। अब सवाल ये है कि हर चुनाव में जब्त हुए सैकड़ों करोड़ों रूपयों का शराब और कैश का होता क्या है? जब्त होने के बाद इनके साथ क्या होता है?

चुनाव के दौरान जो नगदी, शराब, ड्रग्स या कपड़े-गहने बरामद होते हैं, ये काला धन की श्रेणी में आता है। असल में इलेक्शन कमीशन ने चुनाव लड़ने के लिए लगने वाला बजट निर्धारित होता है। कई बार उम्मीदवार या पार्टी चुनाव जीतने के लिए खुलकर पैसा खर्च करती है।
जब्त पैसों का क्या?
चुनाव के दौरान जो लाखों रुपयों की नकदी जब्त की जाती है, आखिर उनके साथ क्या किया जाता है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव के दौरान जब्त नकदी का अगर सोर्स पता हो, तो उसे जिस व्यक्ति के साथ पकड़ा गया है वह उस पर दावा कर सकता है। सोर्स यानी एटीएम ट्रांसजेक्शन, पासबुक में एंट्री जैसी सूचना। यह जानकारी सही होने पर पैसा उस व्यक्ति को वापस कर दिया जाता है। वहीं अगर इन पैसों का कोई पुख्ता जानकारी न मिलने के एवज में पुलिस इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सौंप देती है।
इसके अलावा अगर अगर ये बात सामने आ जाती है कि जब्त नकदी का इस्तेमाल चुनाव के रिजल्ट पर असर डालने के लिए किया जा रहा था, तो इसमें पता लग जाए कि कैश चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए था, तो संबंधित व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ एफआईआर की जाती है। और उन पैसों को संबंधित जगह या शहर के खजाने में जमा करा दिया जाता है।
जब्त शराब का होता है ये हाल
चुनावी सीजन में जब्त शराब को एक जगह इकट्ठा किया जाता है और फिर कुछ वक्त बाद इन सभी को एक साथ किसी भारी वाहन से कुचलकर नष्ट कर देते हैं।



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