Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
कभी इस एक्टर ने नौकरी के लिए बेच दिए थे मां के गहने, आज है बेशुमार दौलत का मालिक
बॉलीवुड के दमदार कलाकारों में शुमार नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज (19 मई) अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 1974 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक छोटे-से कस्बे, बुढ़ाना में हुआ था। आम भारतीय जैसी शक्ल-सूरत और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद नवाजुद्दीन ने अपनी जबरदस्त अदाकारी से खुद को इंडस्ट्री में खास पहचान दिलाई है।
करीब 15 साल के संघर्ष के बाद नवाज ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई। वे उन चंद कलाकारों में से हैं, जिनका सफर न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मेहनत, लगन और जुनून से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। आज वे सिर्फ एक सफल अभिनेता ही नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुके हैं।

वॉचमैन की नौकरी की
एक समय था जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी को गुजर-बसर के लिए वॉचमैन की नौकरी करनी पड़ी थी। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि थिएटर करने का जुनून था, लेकिन उससे पैसे नहीं मिलते थे। मजबूरी में उन्होंने 9 से 5 की नौकरी की, और फिर थिएटर किया करते थे। नौकरी पाने के लिए सिक्योरिटी मनी की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने अपनी मां की ज्वेलरी तक बेच दी थी।
नवाज ने उम्मीद जताई थी कि नौकरी से वे पैसे कमाकर ज्वेलरी वापस ले लेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। गर्मी और थकान की वजह से वे ड्यूटी के दौरान एक-दो बार गिर पड़े, जिसे देखकर मालिक ने उन्हें निकाल दिया। सिक्योरिटी मनी भी वापस नहीं मिली। यह अनुभव उनके लिए काफी तकलीफदेह था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
सरफरोश से की फिल्मी करियर की शुरुआत
1999 में फिल्म 'सरफरोश' से नवाज ने फिल्मी करियर की शुरुआत की, हालांकि इसमें उनका रोल बेहद छोटा था। इसके बाद वे 'शूल', 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', 'ब्लैक फ्राइडे' और 'न्यूयॉर्क' जैसी फिल्मों में भी नजर आए, लेकिन उन्हें असली पहचान 2012 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से मिली। फैजल के किरदार ने नवाजुद्दीन को दर्शकों के दिलों में बसा दिया।
इसके बाद उन्होंने 'मंटो', 'रमन राघव 2.0', 'बजरंगी भाईजान', 'द लंचबॉक्स' और 'सेक्रेड गेम्स' जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनकी अदाकारी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
160 करोड़ रुपये है नेटवर्थ
आज नवाजुद्दीन का जीवन पूरी तरह बदल चुका है। वे मुंबई के वर्सोवा इलाके में स्थित एक आलीशान बंगले में रहते हैं जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है। एक रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग 160 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वे लग्जरी कारों और अन्य रियल एस्टेट में भी निवेश कर चुके हैं।
काफी संघर्षों से जूझने के बाद मिला मुकाम
इतना कुछ पाने के बाद भी नवाज अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। वे आज भी समय निकालकर अपने गांव जाते हैं और खेती-बाड़ी करना पसंद करते हैं। उनका यह सफर उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन में संघर्षों से जूझ रहे हैं और अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। नवाजुद्दीन की कहानी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे जितनी भी कठिन हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications