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रविवार 20 मार्च को एक बहुत ही महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने वाली है। जी हां यहां हम बात कर रहे हैं इक्विनॉक्स की जिसे विषुव भी कहा जाता है। इस दिन से पश्चिमी देशों में वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। इक्विनॉक्स साल में 2 बार होता है। पहला इक्विनॉक्स मार्च के महीने में होता है और दूसरा सितंबर में। उत्तरी गोलार्द्ध में मार्च विषुव वसंत की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में यह गिरावट की शुरुआत माना जाता है। आइए आपको इससे जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से देते हैं।

क्या होता है इक्विनॉक्स?
इक्विनॉक्स तब होता है जब पृथ्वी के अक्ष का झुकाव सूरज न तो दूर होता है और न ही सूर्य की तरफ होता है। इस दौरान सूर्य के संबंध में पृथ्वी का झुकाव 0°होता है। इक्विनॉक्स में दिन और रात बराबर होते हैं। इस दिन के बाद से रातें लंबी और दिन छोटे होने लगेंगे।

साल में 2 बार होता है इक्विनॉक्स
जैसा कि हमने आपको बताया कि इक्विनॉक्स साल में 2 बार होता है। मार्च के बाद यह सितंबर में होता है। मार्च के इक्विनॉक्स में सूरज आकाशीय भूमध्य रेखा को दक्षिण से उत्तर की ओर पार करता है। वहीं सितंबर के इक्विनॉक्स में ठीक इसका विपरीत होता है।

सुपर वॉर्म मून भी कहा जाता है
माना जाता है कि इक्विनॉक्स के दिन सारे केंचुएं मिट्टी से बाहर निकल आते हैं। यही वजह हैं कि इक्विनॉक्स में निकालने वाले चांद को सुपर वॉर्म मून कहा जाता है। इसके अलावा इक्विनॉक्स में निकलने वाला चांद सामान्य से ज्यादा बड़ा और चमकीला भी होता है।



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