Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
Telegram Ban in India: NEET परीक्षा से पहले सरकार ने क्यों उठाया यह बड़ा कदम? जानें फायदे और नुकसान
Telegram Ban in India: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम से ठीक पहले केंद्र सरकार ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। आगामी 21 जून को होने वाली परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सरकार ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुरोध पर सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम 22 जून तक प्रभावी रहेगा, जबकि ऐप का सबसे चर्चित 'मैसेज एडिट फीचर' 30 जून तक ब्लॉक रहेगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि NEET परीक्षा से ठीक पहले सरकार को यह कड़ा फैसला क्यों लेना पड़ा और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं।

NEET री-एग्जाम से पहले क्यों लगा टेलीग्राम पर बैन?
NTA के मुताबिक, टेलीग्राम पर यह अस्थायी रोक आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए लगाई गई है। पिछले कुछ समय से टेलीग्राम पर सक्रिय कई संदिग्ध गिरोह इस परीक्षा को निशाना बना रहे थे। सरकार का मानना है कि परीक्षा के सुचारू संचालन और किसी भी प्रकार की अफवाह या गड़बड़ी को रोकने के लिए ऐप को कुछ दिनों के लिए बंद करना बेहद जरूरी हो गया था।
Paper Leaked और Private Mafia: टेलीग्राम पर चल रहा था ठगी का बड़ा खेल
NTA ने खुलासा किया है कि टेलीग्राम पर कई ऐसे गिरोह सक्रिय थे जो छात्रों और उनके बेबस परिवारों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। ऐप पर "Paper Leaked NEET", "Re-NEET 2026" और "Private Mafia" जैसे नामों से फर्जी चैनल बनाए गए थे। इन चैनलों के जरिए दावा किया जा रहा था कि उनके पास परीक्षा का असली प्रश्नपत्र है और इसे देने के बदले छात्रों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मोटी रकम वसूली जा रही थी। हालांकि, NTA ने साफ किया है कि असली प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित है और यह सिर्फ ठगी का एक जरिया था।

'मैसेज एडिट फीचर' का खतरनाक खेल और NTA का एक्शन
सरकार ने टेलीग्राम को बैन करने के साथ-साथ इसके Message Edit Feature को 30 जून तक के लिए ब्लॉक कर दिया है। इसके पीछे एक बेहद शातिर तकनीक काम कर रही थी:
कैसे होता था खेल: परीक्षा खत्म होने के बाद, ये गिरोह टेलीग्राम के 'एडिट फीचर' का फायदा उठाकर परीक्षा से कई घंटे पहले भेजे गए किसी पुराने (ब्लैंक या नॉर्मल) मैसेज को एडिट करते थे।
फेक लीक का दावा: उस पुराने टाइमस्टैम्प वाले मैसेज में असली प्रश्नपत्र की फोटो अपलोड कर दी जाती थी, जिससे ऐसा भ्रम पैदा होता था मानो पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इसी फर्जीवाड़े और पैनिक को रोकने के लिए इस फीचर को लॉक किया गया है।
टेलीग्राम बैन के फायदे
भ्रम और अफवाहों पर रोक
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर फैलने वाली 'पेपर लीक' की झूठी खबरों और अफवाहों पर तुरंत लगाम लगेगी, जिससे छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के परीक्षा दे सकेंगे।
ठगी से बचाव
भोले-भाले छात्र और उनके माता-पिता परीक्षा माफियाओं के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने से बच जाएंगे।
NTA की साख
इस कड़े कदम से परीक्षा की गोपनीयता बरकरार रहेगी और सिस्टम पर छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत होगा।
टेलीग्राम बैन के नुकसान
स्टडी मटेरियल का संकट
भारत में लाखों नीट अभ्यर्थी टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लास्ट-मिनट रिवीज़न नोट्स, फॉर्मूला शीट और मॉक टेस्ट शेयर करते हैं। अचानक ऐप बंद होने से उनकी पढ़ाई का फ्लो प्रभावित हुआ है।
कम्यूनिकेशन गैप
कई शिक्षक और ऑनलाइन कोचिंग इंस्टिट्यूट्स अपने छात्रों को महत्वपूर्ण गाइडलाइंस और सपोर्ट देने के लिए टेलीग्राम चैनलों का ही इस्तेमाल करते हैं, जो अब ठप हो गया है।
अस्थायी समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कुछ दिनों का बैन एक अस्थायी कदम है; परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर स्थायी और कड़े मॉडरेशन नियमों की जरूरत है।



Click it and Unblock the Notifications
