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राजस्थान के इस गांव में होती है दूल्हा-दुल्हन के प्राइवेट पार्ट्स की पूजा, गालियां देने पर नाचते हैं बाराती
Unique Ritual in Rajasthan's Pali Village: भारत को विविधता का देश यूं ही नहीं कहा जाता। यहां हर क्षेत्र, हर राज्य में अलग-अलग जीवनशैली, संस्कृति, भाषा और परंपराएं देखने को मिलती हैं। शादी जैसे खास अवसरों पर तो यह विविधता और भी खास हो जाती है। राजस्थान की शादियों में निभाए जाने वाले रीति-रिवाज इसका एक अनोखा उदाहरण हैं।
यहां की शादियां न केवल अपनी शाही शान-ओ-शौकत के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि उनकी अनूठी परंपराएं भी ध्यान आकर्षित करती हैं। कुछ रस्में इतनी अलग और अनोखी होती हैं कि उनके बारे में जानकर हैरानी होती है। आइए, राजस्थान की शादियों में निभाई जाने वाली कुछ ऐसी खास परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में जानते हैं।

शिव जी और मां पार्वती से जुड़ी है मान्यता
राजस्थान के पाली जिले में स्थित बूसी कस्बे में शादी के समय अपनी खास परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां मौजीराम जी और मौजनी देवी के मंदिर में शादी से जुड़ी कुछ अनोखी रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, लेकिन यहां लोग इन्हें मौजीराम जी और मौजनी देवी के नाम से पूजा करते हैं। इस मंदिर की विशेष धार्मिक महिमा है, और यह हर साल हजारों भक्तों का ध्यान आकर्षित करता है। खासतौर से जब घर में किसी की शादी तय होती है, तो परिवार के लोग यहां पूजा अर्चना करते हैं, ताकि शादी के सारे काम शुभ और बिना किसी विघ्न के पूरे हों। शादी के मौके पर मंदिर में भगवान के इस जोडे को मेहंदी और इत्र से सजाया जाता है।
दूल्हा और दुल्हन के प्राइवेट पार्ट्स की होती है पूजा
बूसी कस्बे में शादी के दौरान एक अनोखी रस्म निभाई जाती है, जिसमें शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन के प्राइवेट पार्ट्स की पूजा की जाती है। यह पूजा दांपत्य जीवन की सुख-शांति और खुशहाली के लिए मानी जाती है। यह रस्म आस्था और विश्वास से निभाई जाती है, और माना जाता है कि इसे सही तरीके से निभाने से दंपत्ति के जीवन में समृद्धि, सुख, और शांति बनी रहती है।
एक दूसरे को गालियां देते हुए करते हैं डांस
राजस्थान के बूसी कस्बे में शादी से जुड़ी एक और अनोखी परंपरा है, जिसे बिंदौरी कहा जाता है। इस रस्म में दूल्हा या दुल्हन की बारात निकाली जाती है, लेकिन यहां पर गाने बजाने की जगह लोग एक-दूसरे को जोर-जोर से गालियां देते हैं, और इस पर लोग डांस करते हैं। यह रस्म पूरी करने के बाद ही दूल्हा-दुल्हन की शादी की जाती है। शादी के बाद, सुहागरात की रस्म निभाई जाती है, लेकिन खास बात यह है कि सुहागरात के तुरंत बाद दूल्हा-दुल्हन को लगभग एक साल तक अलग रहना होता है। इस दौरान उन्हें एक-दूसरे से मिलने की इजाजत नहीं होती।



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