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Wayanad Landslide: केरल के मुख्यमंत्री ने लगाई मदद की गुहार, वायनाड में पीड़ितों की ऐसे करें मदद
केरल के वायनाड में तेज बारिश के बाद हुई लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या 165 हो गई हैं। 131 लोग अस्पताल में हैं, जबकि 220 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट लिखाई गई है। इस प्राकृतिक विपदा से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल सरकार को केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही मरने वालों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायनाड की घटना पर सरकार से हर संभव मदद पहुंचाने की अपील की है। लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समय केरल के वायनाड में फंसे लोगों की जितनी भी मदद की जाए, कम है। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने भी लोगों से मदद की अपील की है। आइए जानते इस संकट में आप कैसे मदद कर सकते हैं।

चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
आर्मी, एयरफोर्स, NDRF, SDRF, पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। देर रात तक 1 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया, 3 हजार लोगों को रिहैब सेंटर में भेजा गया है।
आप भी इस तरह से कर सकते हैं मदद
सीएम पिनाराई विजयन ने संकट के समय में सभी से एकता और समर्थन का आग्रह किया है और CMDRF की वेबसाइट पर भी लोगों से मदद मांगी हैं। आप भी मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (CMDRF) के ज़रिये आर्थिक सहायता कर जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं। जो पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त होगी। इस रकम को विदेशी योगदान नियंत्रण अधिनियम (2010) से भी छूट मिलेगी।
मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में सहायता देने के लिए donation.cmdrf.kerala.gov.in पर जाएं।
डोनेट मैन्यू पर क्लिक करें, और ऑनलाइन डोनेशन फॉर्म भरें।
ईमेल आईडी, नाम तथा फोन नंबर भरने के लिए कहा जाएगा।
इसके बाद आपको पेमेंट गेटवे पर रीडायरेक्ट किया जाएगा, जहां आप नेटबैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं।
ऑनलाइन योगदान दें...
खाता संख्या : 39251566695
खाताधारक का नाम : CHIEF MINISTER'S DISTRESS RELIEF FUND ACCOUNT NO. 02 (CMDRF)
बैंक : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
शाखा : सिटी ब्रांच, तिरुअनंतपुरम
IFSC कोड : SBIN0070028
पैन नंबर : AAAGD0584M
इसके अलावा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस तथा क्यूआर कोड (QR code) साउथ इंडियन बैंक, फेडरल बैंक तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लिए लिस्टेड हैं...

यूपीआई के माध्यम से भी आप आर्थिक मदद कर सकते हैं ये रहे डिटेल
खाता संख्या : 67319948232
बैंक : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
शाखा : सिटी ब्रांच, तिरुअनंतपुरम
IFS कोड : SBIN0070028
पैन नंबर : AAAGD0584M
अकाउंट का नाम : CMDRF

पुलिस कंट्रोल रूम ने भी जारी किए हेल्पलाइन नम्बर
जनता की सहुलियत और रिलीफ कार्यों में मदद के लिए तिरुवनंतपुरम में पुलिस मुख्यालय में भी एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उन्होंने इस हेल्पलाइन नम्बर को जारी किया हैं। जिस पर उनसे संपर्क किया जा सकता है: 9497900402 और 0471-2721566।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
वायनाड लैंडस्लाइड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम बना दिया है। साथ ही दो हेल्पलाइन नंबर 8086010833 और 9656938689 जारी किए। केरल के स्वास्थ्य मंत्री ऑफिस ने बताया है कि वायनाड के चूरलमाला में घायलों का इलाज करने के लिए एक मस्जिद और मदरसे में टेम्परेरी हॉस्पिटल बनाया गया है।
नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन
बचाव और राहत प्रयासों के लिए कई नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं:
स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय नियंत्रण कक्ष: 8075401745
राज्य नियंत्रण कक्ष: 9995220557, 9037277026, 9447732827
एनएचएम हेल्पलाइन: 8086010833, 9656938689
चूरलमाला में एक तालुक-स्तरीय नियंत्रण कक्ष चालू है, जिसके संपर्क नंबर हैं:
डिप्टी कलेक्टर: 8547616025
तहसीलदार, व्यथिरी: 8547616601
कलपेट्टा संयुक्त बीडीओ कार्यालय: 9961289892
सहायक मोटर वाहन निरीक्षक: 9383405093
अग्निशमन बल सहायक स्टेशन अधिकारी: 9497920271
व्यथिरी तालुक कार्यालय डिप्टी तहसीलदार: 9447350688
भूस्खलन की स्थिति में क्या करें और क्या नहीं?
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि भूस्खलन के परिणामस्वरूप होने वाली जान हानि को हम कैसे रोक सकते हैं और उससे निपटने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- नालों को साफ रखें।
- बारिश आने पर तूफान और ढलानों वाली चट्टानों की सतह से दूर रहें, जहां तेजी से पानी आ सकता हैं।
- नालों की निकासी का पूरा ध्यान रखें, नाले ब्लॉक होने से जमीनों में पानी भर जाता है, जिससे मिट्टी का झरण होने लगता हैं।
- अधिक से अधिक पेड़ों को उगाएं ताकि इसकी जड़ों के माध्यम से मिट्टी के कटाव को रोका जा सके।
- झुकी हुई/धंसी हुई बिल्डिंग और दरारों वाले हिस्सों की पहचान करें। इसके अलावा आपको लगता हैं कि कोई चट्टान खिसक सकती हैं, तो ये भूस्खलन का संकेत देते हैं। बेहतर होगा कि आप सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
- अगर किसी जलस्त्रोत जैसे नदी का पानी का रंग मटमैला हो गया हैं, तो यह भी ऊपर की ओर होने वाले भूस्खलन का संकेत है।
- ऐसे संकेतों को देखने पर अपने मुख्यालय से संपर्क करें।
- ढलान वाले क्षेत्रों पर पेड़ों की कटाई न करें खासकर अगर वहां कोई चट्टान दरक रही हो।
भूस्खलन की स्थिति के दौरान कैसे खुद को सुरक्षित रखें
- भूस्खलन की स्थिति के दौरान पूर्व और बाद में जानें कैसे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
- बारिश के दिनों में पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम विभाग की भविष्यवाणी जानने के बाद ही प्लान करें।
- भूस्खलन की स्थिति में अपने घर और पड़ोस के लिए एक इमरजेंसी प्लान बनाकर रखें। सुनिश्चित करें कि परिवार के सभी सदस्य ऐसी आपदा में इमरजेंसी के रास्तों से परिचित हों। इमरजेंसी में स्वच्छ पानी, जल्दी खराब न होने वाला भोजन, टॉर्च, बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा आपूर्ति और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जैसी आवश्यक चीज़ों की एक आपातकालीन किट बनाएं और इन सुलभ स्थानों पर बनाए रखें।
- भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सेंसर और अलर्ट सिस्टम लगाएं।
भूस्खलन के जोखिम के कारण पलक्कड़ जिला प्रशासन ने यात्रा से जुडे प्रतिबंध जारी किए हैं:
- 30 जुलाई से 2 अगस्त तक सार्वजनिक परिवहन और निवासियों द्वारा आपातकालीन यात्रा को छोड़कर चूरम सड़कों के माध्यम से कोई यात्रा नहीं की जाएगी।
- एस्टेट क्षेत्रों में कार्गो परिवहन की अनुमति है; इस अवधि के दौरान अन्य सभी यात्राएँ प्रतिबंधित हैं।
- 30 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी वॉटर फॉल पर पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।



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