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कौन हैं रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह, जिन्हें नेपाल का नया प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रहे Gen-Z?
Who is Balendra Shah: नेपाल इस समय राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब बड़े स्तर पर फैल चुका है। 8 सितंबर को शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हालात इतने बिगड़े कि राजधानी काठमांडू में आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आईं। राजनीतिक नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया। अंततः नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वह है बालेंद्र शाह, जिन्हें लोग प्यार से बालेन शाह भी कहते हैं।
प्रदर्शनकारियों में सबसे अधिक संख्या Gen Z यानी नई पीढ़ी की है। यह आंदोलन पूरी तरह से युवाओं द्वारा संचालित बताया जा रहा है। राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखने वाले इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे भ्रष्टाचार, पुरानी राजनीति और सिस्टम की सड़ांध से तंग आ चुके हैं। ऐसे में एक ही नाम उनकी उम्मीदों का केंद्र बनकर उभरा है बालेंद्र शाह, जिनसे लोग अब प्रधानमंत्री बनने की मांग कर रहे हैं।

इंजीनियर से रैपर और फिर नेता
बालेंद्र शाह का जन्म 1990 में काठमांडू में हुआ था। उन्होंने हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद भारत के कर्नाटक राज्य के बेलगावी स्थित विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
लेकिन पढ़ाई के साथ ही उन्हें संगीत और कविता का गहरा शौक था। 9वीं कक्षा में ही उन्होंने अपना पहला गाना "सड़क बालक" लिखा। 2013 में उन्होंने यूट्यूब पर रैप बैटल सीरीज Raw Bars में हिस्सा लिया, जिसके बाद वह नेपाल के युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो गए। अपने रैप्स में वे भ्रष्टाचार, असमानता और सामाजिक मुद्दों पर बात करते थे। यही कारण है कि उनका युवाओं से गहरा जुड़ाव बनता चला गया।
मेयर चुनाव में दिखाई ताकत
रैपर के रूप में पहचान बनाने के बाद बालेन शाह ने 2022 में राजनीति में उतरने का फैसला किया। उन्होंने काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। नतीजे आने पर उन्होंने सबको चौंका दिया। उन्होंने सभी दिग्गज नेताओं को हराकर 61,000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। यह जीत ऐतिहासिक मानी गई क्योंकि उन्होंने यह साबित कर दिया कि बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के भी जनता की नब्ज पकड़ने वाला उम्मीदवार जीत सकता है।
मेयर बनने के बाद उन्होंने कई बड़े और साहसी कदम उठाए। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, टैक्स चोरी करने वाले निजी संस्थानों पर शिकंजा कसा, सार्वजनिक स्कूलों में सुधार किया और काठमांडू की सड़कों को साफ-सुथरा बनाने का अभियान शुरू किया। उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और काम करने की जमीनी शैली ने उन्हें युवाओं का प्रिय नेता बना दिया।
टाइम मैगजीन में नजर आ चुके हैं
बालेंद्र शाह को केवल नेपाल ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। टाइम मैगजीन ने 2023 में उन्हें अपनी टॉप 100 प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल किया। इससे यह साफ हो गया कि उनकी लोकप्रियता सीमाओं के पार भी है।
वे सोशल मीडिया पर भी बेहद सक्रिय रहते हैं और सीधे जनता से संवाद करते हैं। युवाओं को हमेशा प्रेरित करते हैं कि वे सिस्टम को बदलने के लिए आगे आएं। उनकी साफगोई और बेबाकी उन्हें पारंपरिक नेताओं से अलग खड़ा करती है।
निजी जीवन और जनता से जुड़ाव
बालेंद्र शाह की शादी सबीना काफले से हुई है। वे आम लोगों के साथ लगातार जुड़े रहते हैं। चाहे सड़क की सफाई का मुद्दा हो, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो या शिक्षा में सुधार, हर जगह वे खुद आगे खड़े दिखाई देते हैं। यही कारण है कि जनता का एक बड़ा वर्ग उन्हें "भविष्य का नेता" मानता है।
हालांकि मौजूदा आंदोलन में वह सीधे शामिल नहीं हुए, क्योंकि यह मुख्य रूप से Gen Z युवाओं का आंदोलन है, लेकिन उन्होंने इसका समर्थन जरूर किया। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी भी उन्हें अपना "आवाज" मानते हैं।
क्यों बन गए युवाओं की पहली पसंद?
नेपाल की पारंपरिक राजनीति पर लंबे समय से वंशवाद और भ्रष्टाचार का साया रहा है। यहां के युवा बदलाव की तलाश में हैं। बालेन शाह एक नई पीढ़ी का चेहरा बनकर उभरे हैं, न तो पुराने राजनीतिक दलों से उनका कोई रिश्ता है और न ही वह राजनीति में भ्रष्टाचार के रंग में रंगे हुए हैं। उनकी पारदर्शी छवि, पढ़ाई-लिखाई, रैपर के रूप में युवाओं से जुड़ाव और मेयर के रूप में साहसी फैसले ने उन्हें "युवा नायक" बना दिया है।



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