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International Day of Family Remittances 2026: आज के दिन क्यों मनाते है अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस
International Day of Family Remittances 2026: जब हम अपने घर में बैठकर सुकून से त्योहार मना रहे होते हैं या राशन की चिंता से मुक्त होते हैं, तब सात समंदर पार कोई अपना भूखा सोकर भी घर पैसे भेज रहा होता है। हर साल 16 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस (International Day of Family Remittances - IDFR) कोई साधारण तारीख नहीं है। यह दिन दुनिया भर के उन 20 करोड़ से अधिक प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के खून-पसीने, त्याग और बेहिसाब आंसुओं को समर्पित है, जो अपने वतन, अपनी माटी और अपने बूढ़े माता-पिता को पीछे छोड़कर सिर्फ इसलिए परदेश चले गए ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। आइए जानते हैं कि आज के दिन इस खास दिवस को क्यों मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है और इसके पीछे की मर्मस्पर्शी कहानी क्या है।

क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस? (Why We Celebrate IDFR)
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के उन लाखों-करोड़ों प्रवासियों के योगदान को पहचान देना है जो अपने परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए विदेशों में दिन-रात काम करते हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, प्रवासियों द्वारा भेजा गया यह पैसा विकासशील देशों में गरीबी को कम करने, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर पोषण के लिए एक लाइफलाइन (जीवन रेखा) का काम करता है। यह दिन समाज को याद दिलाता है कि जिन पैसों से हमारे घरों के चूल्हे जल रहे हैं, उनके पीछे कितनी बड़ी कुर्बानी छिपी है।
क्या है इस खास दिन का इतिहास और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी कैसे मिली
अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस को मनाने की शुरुआत सबसे पहले इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD) की गवर्निंग काउंसिल द्वारा की गई थी। इसके महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 12 जून 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया और हर साल 16 जून को आधिकारिक तौर पर इस दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाने की घोषणा की। तब से लेकर आज तक, यह दिन पूरी दुनिया में प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच के उस अटूट आर्थिक और भावनात्मक पुल को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
देश की जीडीपी (GDP) और विकास में प्रवासियों का बड़ा योगदान कैसे?
क्या आप जानते हैं कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस (विदेशों से आने वाला पैसा) प्राप्त करने वाला देश है? हमारे देश के करोड़ों युवा खाड़ी देशों, अमेरिका, यूरोप और दुनिया के कोने-कोने में रहकर जो विदेशी मुद्रा भारत भेजते हैं, वह देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करती है। यह पैसा न केवल उनके अपने परिवारों का पेट पालता है, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों के बाजारों में रौनक बनाए रखता है और देश की तरक्की में सीधे योगदान देता है।



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