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Friday the 13th: 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को क्यों अशुभ मानते हैं लोग? जानें इसके पीछे का रहस्य
Friday the 13th Myths: आज की तारीख और दिन दुनियाभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल, आज 13 मार्च है और दिन भी शुक्रवार का है। शुक्रवार के दिन पड़ने वाली 13 तारीख को अक्सर बदकिस्मती और अशुभ घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से दुनिया के कई देशों में इस दिन को अनलकी माना जाता है और कई लोग इस दिन कोई नया या बड़ा काम शुरू करने से बचते हैं। यही वजह है कि आज की तारीख और दिन लगातार इंटरनेट पर ट्रेंड में है। मान्यता है कि शुक्रवार और 13 तारीख का मेल अशुभ संकेत माना जाता है। हालांकि इसके पीछे अलग-अलग ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं बताई जाती हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसे साबित नहीं किया गया है। ऐसे में, आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर किन वजहों से शुक्रवार को आने वाली 13 तारीख को अशुभ माना जाता है।

नॉर्स माइथोलॉजी से जुड़ी मान्यता
नॉर्स पौराणिक कथाओं में भी 13 संख्या को अशुभ मानने की एक कहानी प्रचलित है। कथाओं के अनुसार एक बार देवताओं की दावत में भगवान ओडिन समेत कुल 12 देवता मौजूद थे। तभी बिना बुलाए 13वें मेहमान के रूप में भगवान लोकी वहां पहुंच गए। कहा जाता है कि लोकी के आने के बाद वहां विवाद की स्थिति पैदा हो गई और इसके परिणामस्वरूप एक देवता की मृत्यु हो गई। इसी घटना के कारण इस कथा में 13वें व्यक्ति के आने को अशुभ माना जाने लगा।
शुक्रवार और 'लास्ट सपर' से जुड़ी मान्यता
एक मान्यता के अनुसार, Friday: the 13th का संबंध ईसाई धर्म की प्रसिद्ध घटना लास्ट सपर से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि इस अंतिम भोज में कुल 13 लोग मौजूद थे। इन्हीं में से एक जुडास इस्करियोती थे, जिन्होंने बाद में यीशु मसीह को धोखा दिया था। मान्यता है कि इस घटना के बाद ही यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया, जो शुक्रवार के दिन हुआ था। इसी वजह से कई लोग 13 संख्या और शुक्रवार के मेल को अशुभ मानने लगे।
प्राचीन रोमन और मिस्र की मान्यताएं
कुछ प्राचीन मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन को रोमन देवी वीनस से जोड़ा जाता था और कई जगह इसे अशुभ भी माना जाता था। वहीं प्राचीन मिस्र की धारणाओं में 12 संख्या को पूर्णता का प्रतीक माना जाता था, जबकि 13 को उस संतुलन को तोड़ने वाली संख्या माना गया। इसी कारण कुछ लोगों ने 13 को असामान्य या अशुभ संख्या मानना शुरू कर दिया।
नाइट्स टेम्पलर से जुड़ी ऐतिहासिक घटना
शुक्रवार और 13 तारीख का संबंध फ्रांस के इतिहास की एक घटना से भी जोड़ा जाता है। बताया जाता है कि 13 अक्टूबर 1307 को फ्रांस के राजा फिलिप चतुर्थ ने नाइट्स टेम्पलर नामक शक्तिशाली संगठन के कई सदस्यों की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। इसके बाद संगठन का पतन शुरू हो गया। इस घटना को भी समय के साथ Friday the 13th से जोड़कर देखा जाने लगा।
फिल्मों और किताबों ने भी बढ़ाया अंधविश्वास
सिर्फ मान्यताओं ही नहीं, बल्कि साहित्य और फिल्मों ने भी Friday the 13th को अशुभ दिन के रूप में लोकप्रिय बना दिया। 1907 में थॉमस डब्ल्यू। लॉसन के उपन्यास "Friday, the Thirteenth" और बाद में बनी हॉरर फिल्म "Friday the 13th" ने इस तारीख से जुड़े डर और अंधविश्वास को और ज्यादा प्रसिद्ध कर दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि शुक्रवार की 13 तारीख को अशुभ मानने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, बल्कि यह केवल परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित धारणा है।



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