Latest Updates
-
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय
Phalodi Satta Bazar :गर्मी के अलावा इसलिए भी चर्चा में है फलोदी, क्या है चुनाव के रिजल्ट से कनेक्शन?
Phalodi Satta Bazar : बढ़ते तापमान और चुनावी सरगर्मी के बीच राजस्थान का फलोदी शहर फिर से चर्चाओं में बना हुआ है। एक तो तापमान के लिहाज से फलोदी का पारा 50 डिग्री पार होते ही वो राज्य का सबसे गर्म शहर बन गया। वहीं दूसरी तरफ चुनावी सरगर्मियों के बीच फलोदी का सट्टा बाजार फिर से एक्टिव है।
इस सट्टा बाजार में अलग ही एग्जिट पोल चलता है। रिजल्ट आने से पहले ही सट्टा बाजार से भविष्यवाणी आनी शुरु हो जाती है। वैसे आपको बता दें कि पूर्व में भी इस बाजार की तरफ से की गई कई भविष्यवाणी सच साबित हो चुकी है। आइए जानते है कि क्या है फलोदी का सट्टा बाजार और कैसे ये करता है काम?

500 साल पुराना बाजार
फलोदी का सट्टा बाजार 450 से 500 साल पुराना है, यहां पारंपारिक रुप सट्टा बाजार का काम होता आ रहा है। वैसे यह शहर पढ़े लिखों का माना जाता है। यहां से ज्यादात्तर युवा पढ़ लिखकर सीए या जज बनकर निकले हैं।
कैसे करता है काम
राजस्थान का एक छोटा सा जिला है फलोदी, यहां का सट्टा बाजार. फलोदी सट्टा बाजार का नाम से मशहूर है। इस सट्टा बाजार में चुनावी हार जीत के अलावा कई छोटी-छोटी बातों पर सट्टा लगाया जाता है। जैसे- अगर किसी ने जूता हवा में फेंक दिया, तो वह जूता जमीन पर सीधा गिरेगा या उल्टा गिरेगा। अगर सड़क पर दो सांड़ लड़ाई कर रहे हैं तो उसमें से कौन जीतेगा। इस बाजार में रोजाना करोड़ों रूपए का कारोबार होता है। लोकसभा चुनाव या शेयर मार्केट में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर देश के बड़े-बड़े शहरों दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, उत्तर प्रदेश और बिहार में मौजूद सट्टा बाजार में सट्टे लगाए जाते हैं। इन पैसों पर दलालों को तीन टका दलाली के तौर पर मिलता है। सटोरियों का पैसा दलाल पक्ष और विपक्ष में लगाते हैं।
सट्टा बाजार का अपना एग्जिट पोल होता है
दरअसल इस मार्केट के एक्सपर्ट चुनावी सीजन हो या आईपीएल का सीजन ऐसे में वो एक कलेक्टिव ओपिनियन तैयार करते है। इसी को आधार बनाकर रूझान तैयार होता है, जिसमें जीत-हार के दावे तैयार किए जाते है। यह कलेक्टिव ओपिनियन मीडिया की खबरे, नेताओं की सभा में आने वाली भीड़, जनता की चर्चा और सट्टा नेटवर्क में बाकी सटोरिए किस पर ज्यादा दाव लगा रहे हैं, इन बातों को आधार बनाकर तैयार किया जाता है।
शेयर मार्केट पर भी करता है भविष्यवाणी
फलोदी का सट्टा मार्केट न सिर्फ लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणियां करता है बल्कि शेयर मार्केट पर भी इसकी अच्छी पकड़ है। यहां लगभग 300 लोग काम करते हैं। उनके अनुमानों के आधार पर मार्केट में उतार-चढ़ाव आता है जिसके आधार पर लोग पैसे कमाते हैं, जिस शेयर का भाव फलोदी ने दे दिया लोग उसमें ज्यादापैसे लगाते हैं।
कब-कब सटीक बैठी भविष्यवाणियां
2023 में कर्नाटक में हुए चुनाव के दौरान फलोदी सट्टा बाजार ने भविष्यवाणी की थी कि कर्नाटक में कांग्रेस को 137 और बीजेपी को 55 सींटे मिलेगी। परिणाम में कांग्रेस को 136 और बीजेपी को 66 सीटे मिली। इससे पहले गुजरात इलेक्शन में सटोरियों ने अनुमान लगाया था कि बीजेपी घर वापसी करेगी तो वो अनुमान भी सही निकला। हिमाचल प्रदेश के चुनाव में सटोरियों ने कहा था की कांग्रेस का पलड़ा भारी है तो सत्ता में कांगेस ही लौटकर आई।



Click it and Unblock the Notifications