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प्यार के अलावा भी शिशु को चाहिये कुछ और...

जरुरी बातें रखें ध्यान में-
खूब सारी गर्मी- जन्म के बाद शिशु के तापमान में बडी़ ही जल्दी गिरावट देखने को मिलती है। गर्भ में बच्चे को गर्मी मिलती है लेकिन वही बच्चा जब दुनिया में आता है तो तकरीबन 5 डिग्री तक उसका टंपरेचर गिर जाता है। इसलिये अपने बच्चे को कपड़े और चादर में लपेट कर रखें जिससे उसे ठंड ना लगे।
मां की धड़कन- कई साइंटिस्ट बोलते हैं कि बच्चा अपने मां की आवाज और धड़कन को आसानी से पहचान लेता है। इसलिये बच्चे को अपना प्यार देने के लिये उसे अपनी दिल की धड़कन के पास रखें।
मां का स्पर्श- बच्चा नया-नया इस दुनिया में आया है तो उसे आरामदायक महसूस करवाने के लिये अपने स्पर्श का प्रयोग करें। शिशु को आप केवल उसी समय नहीं छूती जब वह इस दुनिया में आता है, बल्कि वह दिन के 10 घंटे आपकी ही बाहों में रहता है।
कलास्ट्रम- जन्म देने के बाद मां के स्तन से पीले रंग का पदार्थ निकलता है, जो कि शिशु की रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ाता है। शिशु को यह दूध कुछ दिनों तक जरुर पिलाना चाहिये, जो कि कलास्ट्रम नामक द्रव से जाना जाता है।
हर दो घंटे में पिलाएं- नया शिशु हमारी तरह से दिन में चार बार भोजन नहीं खा सकता। बच्चों का पेट बहुत ही छोटा होता है, तो इसलिये आपको उसे थोड़ा-थोडा़ दूध, दो-दो घंटे पर पिलाना होगा। दूध हमेशा ब्रेस्ट मिल्क ही होना चाहिये।
मोजे और टोपी- आपके छोटे राजकुमार या राजकुमारी को तुरंत ही कपड़ों की आवश्यकता होगी। मोजे और सिर ढंकने वाले कपड़ों से आप उन्हें ठंड से बचा सकती हैं। आपको इस बात का पूरा-पूरा ख्याल रखना होगा कि आपके शिशु को ठंड ना लग पाए।



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