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शिशु की खांसी-जुखाम को भगाएं घरेलू उपचार से
खांसी-जुखाम अक्सर एलर्जी की वजह से आती है। जब भी शिशु को ठंडी लगती है या फिर खांसी आती है, तो मां-बाप का सबसे पहला कदम होता है अपने बच्चे का प्राकृतिक तरीके से इलाज करवाना। कोई भी मां-बाप अपने बच्चे को तगड़ी दवाइयां दे कर ठीक नहीं करना चाहता। इसलिये कहीं उन दवाइयों का साइड इफेक्ट न हो जाए, इसके लिये हम आपको बताएंगे कुछ प्राकृतिक घरेलू उपचार, जो शिशु की खांसी-जुखाम बिल्कुल ठीक कर देगा।
कुछ प्रभावी और सुरक्षित घरेलू उपचार-

1. स्टीम- नाक की ब्लॉकेज को दूर करने के लिये स्टीम से बेहतर और कोई उपचार नहीं है। गरम हवा शिशु के कफ को घुला देती है, लेकिन यह आप शिशु को कैसे दिलवाएंगे। ऐसा करें कि अपने बाथरूम में गरम शावर चला दें और दरवाजा बंद कर दें। 15 मिनट के दिन में दो बार उसी बाथरूम में अपने बच्चे को लेकर बैठ जाएं। यह स्टीम फेफड़े और नाक की रुकावट को दूर करेगी।
2. शहद और नींबू- यह दूसरे प्रकार का प्राकृतिक काढ़ा है, जो सीने में फसे कम को बाहर निकालता है। नींबू और शहद मिला कर देने से गले को राहत मिलती है, संक्रमण मिटता है और अन्य लाभ होते हैं। आपको केवल बस इतना करना है कि शहद और नींबू को गरम पानी में मिला कर अपने बच्चे को पिलाना है।
3. हल्दी- खाँसी के इलाज के लिये यह एक स्वस्थ और विश्वसनीय मसाला है। अगर बच्चा बहुत छोटा है और वह अभी दूध पर है, तो उसे दूध पिलाते वक्त अपने ब्रेस्ट पर थोड़ी सी हल्दी लगा लें। अगर बच्चा बोतल से दूध पीता है, तो उसके दूध में थोड़ी सी हल्दी मिला दें और फिर बच्चे को पिलाएं। शिशु को दिन में दो बार हल्दी वाला दूध पिलाने से राहत मिलेगी।
4. तेल मालिश- जरुरी तेल से मालिश करने से बच्चे का कफ दूर हो जाता है। युकलिप्टुस, मेंहदी, पिपरमिंट और सेज जैसे तेल शिशु की मालिश करने के लिये उपयुक्त होते हैं। एक मिश्रण बनाएं, जिसमें ऑलिव ऑयल और इन दिये गए तेलों को मिला कर बच्चे के सीने और पीठ पर मालिश करें। और बच्चे के शरीर को किसी कपड़े या चादर से पूरा ढंक दें, जिससे उसके शरीर में गर्मी पैदा हो और तेल अपना असर दिखा सके।



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