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नन्हें शिशु को नहलाने के तरीके
अगर आप अभी-अभी मां बनी हैं, तो जाहिर सी बात है कि आप अपने शिशु को नहलाते वक्त डरती होंगी की कहीं उसे तकलीफ न हो। एक तो बच्चा छोटा और ऊपर से गीला होने की वजह से उसके फिसलने का डर हर मां के अंदर घबराहट पैदा कर देता है। लेकिन इसमें घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि आपका डर बिल्कुल जायज़ है। आपको इस बात का भरोसा रखना जरुरी है कि आप बच्चे की मां हैं और एक बच्चे के लिये मां से बेहतर हाथ और कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। शिशु की सुरक्षा केवल आप ही कर सकती हैं इसलिये आपको बिल्कुल भी घबराने की जरुरत नहीं है। आपके डर को कम करने के लिये प्रस्तुत हैं कुछ सुझाव-

ऐसे नहलाएं अपने नन्हें शिशु को -
1. जन्म के एक-दो हफ्तों तक शिशु को नहलाने के बजाए केवल गरम पानी से भिगोएं हुए गीले कपड़े से उसका शरीर पोंछे। इससे आपका हाथ बच्चे के ऊपर सेट हो जाएगा, जिससे उसे नहलाने में परेशानी नहीं आएगी।
2. बच्चे को नहलाते वक्त हमेशा हल्का गरम पानी ही प्रयोग करें। पहली बात तो इससे कीटाणुओं का नाश होगा और दूसरी बात यह कि इससे बच्चे को गर्भाशय वाली ही फीलिंग पैदा होगी।
3. हमेशा माइल्ड बेबी सोप ही प्रयोग करें। तुरंत पैदा हुए बच्चे की त्वचा काफी संवेदनशील होती है, इसलिये उस पर कभी भी कठोर साबुन का प्रयोग नहीं करना चाहिये। इसके अलावा आप अपने बच्चे को एंटीसेप्टिक सल्यूशन से भी नहला सकती हैं।
4. बच्चे को रोजाना नहलाने की जरुरत नहीं है। गर्मियों के मौसम में बच्चे को सिर्फ 4-5 बार ही नहलाना चाहिये। सर्दियों में बच्चे को हफ्ते में केवल एक बार नहलाना ही काफी है।
5. यह एक गलत धारणा है कि शिशु के शरीर की नाल अगर पानी के सर्पक में आएगी तो उसे संक्रमण होने का खतरा होगा। आपको केवल उसकी नाल को साफ रखने की जरुरत है बस।
6. शिशु को नहलाते वक्त उसकी गर्दन और पीठ को अच्छी तरह से अपने हाथों से पकड़े। इस समय शिशु की हड्डी बहुत नाजुक होती है इसलिये उसमें जान नहीं होती कि वह शरीर का पूरा भार उठा सके। इसलिये उसे हाथों का सर्पोट दे कर आसानी से नहलाया जा सकता है।
7. अपने बेबी को पानी के टब में नीचे तक बैठा दें। घबराइये नहीं क्योकि बेबी के लिये एक अलग सा छोटा टब आता है, जिसमें वे बिना परेशानी के पूरी तरह समा जाते हैं। बच्चे को पानी में गर्दन तक डालें और फिर अपने एक हाथ से उसे सर्पोट कर के दूसरे हाथ से शरीर की सफाई करें।



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