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नवजात शिशुओं में वजन घटने का कारण
जब आपका शिशु पैदा हुआ तब उसका वजन साढ़े तीन किलो का था और अब आप पाती हैं कि उसका वजन अचानक ही कम हो गया। पर चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि अगर आपके शिशु का वजन पैदा होने के 48 घंटों के भीतर कम हुआ है, तो यह नार्मल माना जाता है। आइये और भी जानते हैं इस बारे में -

आपके बच्चे ने कितना वजन खोया है?
48 घंटे के अंदर एक बच्चा अपने वजन के हिसाब से 5 से 7 प्रतिशत तक का वजन खो सकता है। अगर मां को लिक्विड पर रखा गया था या फिर बच्चे की डिलवरी समय से पलहे हुई है, तो उसका वजन 10 प्रतिशत तक कम हो सकता है। अगर शिशु इससे भी ज्यादा वजन कम करें तो समझ लें कि या तो वह बीमार है या फिर उसका स्त्नपान ठीक से नहीं किया जा रहा है।
नवजात शिशुओं में क्यों होता है वजन कम?
1. पानी का भार- प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं में पानी का वजन बढ़ जाता है। इस समय हार्मोन चेंज की वजह से शरीर में पानी बढ़ता है। जैसा कि बच्चा एम्नियोटिक फ्लूड में ही तैरता रहता है, जो कि खुद एक पानी ही होता है, इसलिये यह पानी बच्चे के शरीर में फिल्टर हो जाता है। जब बच्चा पैदा होता है, तब यही पानी जो कि उसके शरीर में अधिक मात्रा में इकठ्ठा हुआ था, वह तुरंत ही बाहर निकल जाता है और उसका वजन कम हो जाता है।
2. रिजर्व फैट- नवजात शिशु में पैदा होने के बाद भी शरीर में वसा स्टोर रहती है। इस वसा को वह तीन दिन तक इस्तमाल कर सकता है। ऐसा इसलिये क्योंकि पहले दिन मां के दूध में वसा वाले न्यूट्रियंट नहीं पाए जाते। जन्म के 48 घंटे के बाद मां के ब्रेस्ट से कोलोस्ट्रम नामक एक पीले रंग का द्रव आता है, जो कि पोषण से भरा होता है। इसलिये बच्चा दो दिन तक अपने भीतर इकत्रित किया हुआ वसा प्रयोग करता है और इससे उसका वजन कम हो जाता है।
3. गलत तरीके से दूध पिलाना- अगर बच्चे में दी गई लिमिट से भी ज्यादा वजन कम होने लगता है तो इसका मतलब आप उसे ठीक प्रकार से दूध नहीं पिला रहीं हैं। अक्सर बच्चे दूध पीते वक्त बहुत सारी हवा अंदर ले लेते हैं, जिससे उनका पेट भर जाता है और पोषण नहीं मिल पाता। इसके लिये आपको एक्सपर्ट से दूध पिलाने की सरल विधि पूछनी होगी।



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