Latest Updates
-
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए
बच्चों को एलर्जी से बचाते हैं पालतू जानवर
आईएएनएस| वैज्ञानिकों ने इस बात का कारण खोज लिया है कि शुरुआत से पालतू जानवरों के संपर्क में रहने वाले बच्चों में एलर्जी और अस्थमा प्रवृत्ति तब कम क्यों हो जाती है। चूहों पर किए गए प्रयोग में शोधकर्ताओं ने पाया कि पालतू कुत्तों का संपर्क, व्यक्ति की आंत में रहने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जठरांत्र) माइक्रोबायोम या रोगाणुओं के समुदाय को नया आकार प्रदान कर सकता है, जिससे व्यक्ति में विभिन्न एलर्जी कारकों का प्रतिरोधस्तर बढ़ता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन घरों में या घरों के बाहर पालतू कुत्ते रहते हैं, उनके घरों की धूल चूहे की आंत में रहने वाले रोगाणुओं के समुदाय को फिर से आकार दे सकती है।

यू.सी.सैन फ्रांसिस्को में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर सुसान लायन्स और यू.मिशिगन में पैथालोजी विभाग के प्रोफेसर निकोलस लुकास के नेतृत्व में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि यह सामान्य एलर्जी कारकों के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली की अभिक्रिया को भी कम करता है।
वैज्ञानिकों ने आंत के अंदर एक विशेष बैक्टीरिया की पहचान भी की है जो दोनों एलर्जी कारकों के वायुमार्ग की रक्षा और वायरल श्वसन संक्रमण के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान अध्ययन यह दर्शाता है कि आंत के रोगाणु, आंत की प्रतिरक्षा प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
