Latest Updates
-
UP Style Fish Machli Kadhi Recipe: घर पर बनाएं सरसों वाली चटपटी मछली कढ़ी -
Nirjala Ekadashi Vrat Katha: निर्जला एकादशी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पूर्ण फल -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता
कैमिकल वाली चीजों के बजाए बेबी को लगाएं ये नेचुरल चीज़ें
गर्भावस्था के दिनों में आप महिलाओं को अक्सर उनके आने वाली संतान के लिए शॉपिंग करते हुए देख सकते हैं। वो हर पल अपने बच्चे के बारे में सोचती हैं और उनकी सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए कपड़े, बिछौने या तकिया को खरीदती हैं।
लेकिन बेबी स्किन प्रोडक्ट पर बहुत ही कम लोगों का ध्यान जाता है कि वो जिन प्रोडक्ट को ऊंची कीमतों पर खरीदते हैं, क्या वो वाकई में उतने ही ठीक हैं जितना उन्हें दिखाया जाता है।
बिल्कुल नहीं, इन सभी प्रोडक्ट में कैमिकल को मिलाया जाता है, कृत्रिम सुगंध आदि को शामिल किया जाता है जो बच्चे के लिए बेहद हानिकारक होता है। नवजात के साबुन से लेकर छोटे बच्चे के टूथपेस्ट तक में मिलावट होती है जिसे आप नकार नहीं सकते हैं।
ऐसे में हर मां के मन में सवाल उठ खड़ा होता है कि वो क्या करें कि उनका बच्चा साफ व स्वच्छ रहे और उसे ये प्रोडक्ट भी इस्तेमाल न करने पड़ें। चलिए हम आपको बताते हैं कि आप किन घरेलू सामान का इस्तेमाल करके अपने बेबी के केयर के लिए होममेड प्रोडक्ट बना सकते हैं:

बेसन -
नवजात शिशु, शिशु की अपेक्षा अधिक गंदे होते हैं ऐसे में उनके शरीर की सफाई के लिए बेसन का इस्तेमाल सही रहता है। आपको सिर्फ इतना गर्म करना है कि गुनगुने पानी से पलहे बच्चे को हल्का गीला करना है और उसके बाद साबुन की बजाय बेसन लगाना है। बाद में हल्के हाथों से धुल देना है। रगड़े नहीं वरना बच्चे को रैशेज हो सकते हैं। आप चाहें तो इससे बच्चे के बाल भी धो सकती हैं।

2.नारियल का तेल -
नारियल का तेल बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसे बच्चे के शरीर पर बॉडी लोशन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे लगाने से बच्चे के शरीर पर रूखापन नहीं रहता है। यह एंटी-फंगल की तरह काम करता है। साथ ही इसमें कई औषधीय गुण होते हैं जो बच्चे को फायदा पहुँचाते हैं।

3. मिस्वॉक -
ये प्राकृतिक, रसायनरहित और इको-फ्रैंडली है जिसे कई परिवार इस्तेमाल करते हैं। आप अपने बच्चे के लिए इसका चयन कर सकती हैं जब उसके दांत आ जाएं।

4. मक्के का आटा -
मक्के का आटा हल्का दरदरा होता है जो बच्चे के रैशेज को ठीक करने में मददगार साबित होता है। अगर बेबी को रैशेज हो जाये तो उसके उस हिस्से में इसे छिड़क दें।

5. सर्दी और जकड़न में -
बच्चे की इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने के लिए उसकी शुरूआत के दो साल में बहुत ज्यादा देखभाल करनी होती है। इसलिए बच्चे को सर्दी और खांसी आदि संक्रमण से बचाना चाहिए। उसे विक्स आदि न लगाएं, अगर जरूरत न हो। जरूरत पड़ने पर पैरों में कड़वा तेल लगा दें। इससे उसे आराम मिलेगा। सदी लग जाने पर बच्चे के पैरों में व्हिस्की या रम नामक शराब को मल दें। साथ ही नाखूनों में लगा दें। बच्चे की सर्दी झट से दूर भाग जाएगी।



Click it and Unblock the Notifications